पश्चिम रेलवे ने 1200 श्रमिक विशेष ट्रेनों का बड़ा ऑंकड़ा किया पार, जिनके ज़रिये 18 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर पहुॅंचे अपने गृहनगर

 मुंबई। पश्चिम रेलवे अधिकाधिक प्रवासी मजदूरों को उनके गृहनगर तक सुरक्षित पहुॅंचाने में मदद करके एक महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है। यह गर्व की बात है कि पश्चिम रेलवे ने 2.5.2020 से 31.5.2020 तक कुल 1209 श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन कर 1200 के बड़े ऑंकड़े को पार कर लिया है, जिनके माध्यम से 18 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों और उनके परिजनों को उनके वांछित गंतव्यों तक पहुॅंचाया गया है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इन विशेष ट्रेनों में से 686 ट्रेनें उत्तर प्रदेश, 274 बिहार, 94 उड़ीसा, 31मध्य प्रदेश, 42 झारखंड, 16 छत्तीसगढ़, 9 राजस्थान, 6 उत्तराखंड और 31 पश्चिम बंगाल राज्यों के लिए चलाई गई हैं। कुछ विशेष श्रमिक ट्रेनें गुजरात, मणिपुर, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, असम और महाराष्ट्र के लिए भी चलाई गई हैं। 2 मई, 2020 से 31 मई, 2020 तक देश के विभिन्न राज्यों के 18 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को उनके गृहनगरों तक पहुॅंचाया गया है। भाकर ने बताया कि इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों ने लॉकडाउन के कारण महानगरों में फॅंसे हुए मजदूरों और उनके परिवारों को उनके गृहनगरों तक तेज़ी से ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 31 मई, 2020 को पश्चिम रेलवे द्वारा चलाई गईं 12 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में से 9 महाराष्ट्र से और 3 गुजरात से रवाना हुईं। इन श्रमिक विशेष ट्रेनों में उत्तर प्रदेश के लिए 5, पश्चिम बंगाल के लिए 6 और गुजरात के लिए एक ट्रेन चलाई गई। इनमें से, मुंबई डिवीजन ने 11 ट्रेनों को चलाया, जिनमें 9 ट्रेनें पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय खंड से चलीं। बोरीवली स्टेशन से चार ट्रेनें चलाई गईं, जबकि वसई रोड से भी चार और बांद्रा टर्मिनस से एक ट्रेन चली। 3 मई से 31 मई, 2020 तक, कुल 179 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें मुंबई उपनगरीय खंड से चलाई गई हैं, जिनमें बांद्रा टर्मिनस से 64 श्रमिक विशेष ट्रेनें, बोरीवली से 70, वसई रोड से 31, दहानू रोड से 2 और पालघर स्टेशन से निकली 12 रेलगाड़ियाँ शामिल हैं। ये ट्रेनें गोरखपुर, जौनपुर, गोंडा, वाराणसी, प्रतापगढ़, भागलपुर, प्रयागराज, दरभंगा, दानापुर, हावड़ा सहित विभिन्न स्टेशनों के लिए चलाई गईं। ये विशेष रेलगाड़ियाँ सामाजिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखने के साथ परिचालित की जा रही हैं। साथ ही सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी बोर्डिंग से पहले सुनिश्चित की जा रही है। ट्रेन यात्रा के दौरान प्रवासी मजदूरों को निःशुल्क भोजन और पैकेज्ड पेयजल भी दिया जा रहा है।

माल और पार्सल विशेष ट्रेनें

भाकर ने बताया कि 22 मार्च से 31 मई, 2020 तक मालगाड़ियों के कुल 5130 रेकों का उपयोग 10.57 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है। 10,085 मालगाड़ियों को अन्य क्षेत्रीय रेलों के साथ जोड़ा गया, जिनमें 5082 ट्रेनें सौंपी गईं और 5003 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंट पर ले जाया गया। पार्सल वैन / रेलवे मिल्क टैंकर (आरएमटी) के 301 मिलेनियम पार्सल रेकों को आवश्यक सामग्री जैसे दूध पाउडर, तरल दूध, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं की मांगों का सामना करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया। गौरतलब है कि 23 मार्च से 31 मई, 2020 के बीच 47 हजार टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं को पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी 299 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से पहुॅंचाया गया है, जिनमें कृषि उपज, दवाएं, मछली, दूध आदि शामिल हैं। इस परिवहन से लगभग 14.91 करोड़ रु. की आय हुई है। इस परिवहन के तहत, पश्चिम रेलवे द्वारा दूध की 36 विशेष रेलगाड़ियाँ चलाई गईं, जिनमें 26 हज़ार टन से अधिक का भार था और वैगनों के 100% उपयोग से लगभग 4.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसी तरह, 259 कोविड -19 पार्सल विशेष ट्रेनें भी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं, जिनके लिए अर्जित राजस्व 9.56 करोड़ रुपये से अधिक रहा। इनके अलावा लगभग 78 लाख रु. की आय के लिए 100% उपयोग के साथ 4 इंडेंटेड रेक भी चलाए गए। उन्होंने बताया कि मार्च, 2020 के बाद से उपनगरीय और गैर-उपनगरीय खंडों सहित सम्पूर्ण पश्चिम रेलवे पर लॉकडाउन के कारण कमाई का कुल नुकसान 1121.32 करोड़ रुपये रहा है। इसके बावजूद, अब तक टिकट रद्द होने के परिणामस्वरूप, पश्चिम रेलवे ने 295.68 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है। गौरतलब है कि इस रिफंड राशि में, मुंबई डिवीजन ने अकेले 140.32 करोड़ रुपये का रिफंड सुनिश्चित किया है। अब तक, 45.28 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार उनकी धनवापसी राशि प्राप्त की है।

मिशन फूड डिस्ट्रिब्यूशन

पश्चिम रेलवे अपने मिशन फूड़ डिस्ट्रिब्यूशन के अंतर्गत ज़रूरतमंदों और गरीबों को निःशुल्क भोजन देकर उनका विशेष ध्यान रख रही है। कई गैर सरकारी संगठनों और ट्रस्टों ने भी पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में ज़रूरतमंदों की मदद करने के लिए अपना सक्रिय योगदान दिया है। भाकर ने बताया कि 1 जून 2020 तक, 6 लाख से अधिक ज़रूरतमंद व्यक्तियों को मुफ्त भोजन प्रदान करके, पश्चिम रेलवे द्वारा अपने मिशन फूड़ डिस्ट्रिब्यूशन के तहत लाभान्वित किया गया। पश्चिम रेलवे के वाणिज्यिक विभाग, RPF, खानपान ठेकेदारों, धर्मार्थ ट्रस्टों और गैर सरकारी संगठनों द्वारा पश्चिम रेलवे के सभी छह मंडलों में निःशुल्क भोजन वितरित किया जा रहा है। 1 जून, 2020 को पश्चिम रेलवे पर 400 से अधिक भोजन पैकेट वितरित किए गए। इनके अलावा, पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से प्रस्थान करने वाली श्रमिक विशेष ट्रेनों के यात्रियों को आईआरसीटीसी द्वारा भोजन के पैकेट और पैकेज्ड पेयजल की बोतलें भी वितरित की जा रही हैं।

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