मैनकाइंड फार्मा ने रियल-लाइफ हीरो ज्योति कुमारी को किया सपोर्ट, दी एक लाख की मदद

  दुनिया भर में फैले कोविड-19 संकट के बीच अपना अस्तित्व कायम रखने के संघर्ष की कई कहानियां सामने आ रही है। मैनकाइड फॉर्मा जानलेवा वायरस के खिलाफ जंग में अग्रिम मोर्चे पर काम करने वालों और समुदाय का समर्थन कर रहा है। इसी भावना के साथकंपनी ने अब आगे बढ़कर ज्योति कुमारी की बहादुरी से भरपूर कहानी की जमकर तारीफ की है और इस शेरदिल लड़की को 1 लाख रुपये की मदद दी है।

मैनकाइंड फार्मा महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई में कई तरीकों से शामिल रहा है। सस्ती दवाइयों के उत्पादन के अलावा कंपनी ने कई राज्यों को दवाइयां, पसर्नल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई किट) और वेंटिलेटर दान किए हैं। अब मैनकाइंड ने 15 वर्ष की ज्योति कुमारी को अपना सहयोग दिया है। लॉकडाउन के दौरान ज्योति कुमारी ने अपने बीमार पिता को साइकिल की पिछली सीट पर बिठाकर गुरुग्राम से बिहार में अपने घर तक का 1200 किमी का सफर तय किया था।

मैनकाइंड फार्मा केवल रेवेन्यू के लिहाज से ही भारत की टॉप फार्मा कंपनी नहीं बनना चाहती, बल्कि यह सीएसआर गतिविधियों में और संकट के समय में देश की मदद कर नंबर वन बनना चाहती है। समाज की सेवा करने के अपने इस लक्ष्य पर खरे उतरते हुए कंपनी ने पिछले महीने सीएम केयर फंड में 51 करोड़ रुपये की राशि दान की है। इसके अलावा मैनकाइंड फार्मा के सभी कर्मचारियों ने भी अपनी एक दिन की सैलरी दान कर राहत कोष में अपना योगदान दिया है।

मैनकाइंड फार्मा के सीईओ राजीव जुनेजा ने कहामैनकाइंड फार्मा इस अभूतपूर्व संकट में मुसीबत का सामना कर रहे हर भारतीय के साथ खड़ा है। मैनकाइंड अपने मातापिता के प्रति ज्योति कुमारी के निस्वार्थ प्रेम और प्रतिबद्धता को सलाम करता है। उन्होंने गुड़गांव (हरियाणा) से दरभंगा (बिहार) तक 1200 किमी की दूरी तय करने के लिए 8 दिन तक लगातार साइकिल चलाकर अपने बीमार पिता को घर पहुंचाने में मदद की। हमें उन पर गर्व है कि उन्होंने अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए रास्ते में आने वाली मुश्किलों, अड़चनों और बाधाओं का जमकर मुकाबला किया। उनकी मानसिक ताकत और मजबूत इरादे को तो पुरस्कृत किया ही जाना चाहिए। हम उसकी मदद एक ऐसे अंदाज में करना चाहेंगे, जिससे उसे अपनी जिंदगी में ऊंचा मुकाम हासिल करने में मदद मिल सके। हमें उम्मीद है कि हमारी थोड़ी सी मदद से वह अपने सपने पूरे कर सकती हैं और दूसरों के लिए एक शानदार मिसाल बन सकती हैं।

ज्योति कुमारी ने कहा, मैं मैनकाइंड फार्मा को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देती हूं और अपनी पढ़ाई पूरा करना चाहती हूं। इससे मुझे अपने लक्ष्य को हासिल करने और अपने परिवार की देखभाल करने की प्रेरणा मिली है।

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