आरबीआई ने ऋण अदायगी पर स्थगन की अवधि बढ़ाने के फैसले के दबाव में बाजार

  मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में खुदरा कर्जदारों को राहत देने के लिए सावधि ऋणों पर किस्त चुकाने के स्थगन को तीन महीने बढ़ाने का निर्णय लेने के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट आई। एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के प्रमुख सलाहकार अमर देव सिंह ने बताया के इस निर्णय को भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए नकारात्मक रूप में देखा गया, जिससे निवेशकों में चिंता पैदा हुई। आरबीआई के अन्य फैसलों में रेपो रेट में 40 बेसिस पॉइंट्स की कटौती कर 4 प्रतिशत करना शामिल है।

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 260 अंक या 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 30,672.59 पर बंद हुआ, निफ्टी-50 इंडेक्स शनिवार के कारोबारी सत्र में 67 अंक या 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,039.25 पर बंद हुआ। दलाल स्ट्री पर पिछले तीन दिनों में आई चमक को आज बाजार की गिरावट ने पूरी तरह खत्म कर दिया।

सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयर लाल रंग में बंद हुए। व्यापक बाजार में एसएंडपी बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.83 प्रतिशत गिरकर 11,270 पर पहुंच गया और एसएंडपी बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.23 प्रतिशत नीचे 10,524.23 पर बंद हुआ।

आरबीआई के फैसले के दबाव में निफ्टी बैंक में 456 अंक या 2.57 प्रतिशत की गिरावट हुई और वह 17,278.90 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई मिडकैप में 0.83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

दिन के टॉप लूजर्स में एक्सिस बैंक (5.32%), एचडीएफसी (5.03%), और बजाज फिन (4.50%) शामिल थे, जबकि दिन के टॉप गेनर्स में एमएंडएम (4.30%), इंफोसिस (2.98%), और एशियन पेंट्स ( 2.60%)।

आरबीआई की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, जिसमें तीन महीनों के ऋणों की वसूली पर रोक की घोषणा की गई, बैंकिंग शेयरों में एसबीआई कार्ड्स ने 495 रुपये का नया निचला स्तर देखा। शेयर 510 रुपए पर बंद हुआ, यानी 6 प्रतिशत नीचे।

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