लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे की मालगाड़ियों ने किया 8.45 मिलियन टन माल का परिवहन

  मुंबई। राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा और प्रतिबद्धता की हरसम्भव पूर्ति के लिए, पश्चिम रेलवे यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है कि लॉकडाउन के समय अत्यावश्यक वस्तुएं पूरे देश में उपलब्ध कराई जाती रहें। इसी क्रम में विशेष पार्सल ट्रेनों के अलावा, पश्चिम रेलवे की नियमित मालगाड़ियां भी हमेशा की तरह आवश्यक वस्तुओं का निरंतर परिवहन कर रही हैं। पश्चिम रेलवे द्वारा 22 मार्च से 20 मई, 2020 तक, 8.25 मिलियन टन माल 4252 रेक मालगाड़ियों के माध्यम से अपेक्षित मंज़िलों तक पहुँचाया गया है। 8452 मालगाड़ियों को अन्य क्षेत्रीय रेलों के साथ जोड़ा गया है, जिनमें 4264 ट्रेनें सौंपी गईं और 4188 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंट पर ले जाया गया।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, देश के पूर्वी हिस्सों में चक्रवात की अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण, कुछ पार्सल विशेष ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। जिन पार्सल विशेष ट्रेनों को रद्द किया गया है, वे हैं 21, 23, 25 और 27 मई, 2020 को छूटने वाली ट्रेन नम्बर 00949 ओखा- गुवाहाटी, 21 मई, 2020 को छूटने वाली ट्रेन संख्या 00903 करमबेली- नई गुवाहाटी और 22 मई, 2020 को निकलने वाली ट्रेन सं. 00963 कांकरिया – फतुहा पार्सल विशेष ट्रेन। श्री भाकर ने बताया कि 23 मार्च से 20 मई 2020 तक, पश्चिम रेलवे द्वारा 245 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से 37,200 टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं का परिवहन किया गया है, जिनमें कृषि उपज, दवाइयां, मछली, दूध आदि शामिल हैं। इस परिवहन से होने वाली आय लगभग 11.28 करोड़ रु. रही है। इस परिवहन के तहत, पश्चिम रेलवे द्वारा तीस दूध स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें 22,000 टन से अधिक का भार था और वैगनों के 100% उपयोग से 3.78 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई। इसी तरह, 211 कोविड -19 विशेष पार्सल ट्रेनें भी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं, जिनके लिए अर्जित राजस्व लगभग 6.20 करोड़ रुपये रहा। इनके अलावा, लगभग 78 लाख रु. की आय के लिए 100% उपयोग के साथ 4 इंडेंटेड रेक भी चलाए गए। श्री भाकर ने बताया कि 21 मई, 2020 को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए दूध की एक रेक सहित पाॅंच पार्सल स्पेशल ट्रेनें छोड़ी गईं, जिनमें दादर- भुज, बांद्रा टर्मिनस – ओखा, ओखा – बांद्रा टर्मिनस और मुंबई सेंट्रल – फिरोजपुर विशेष ट्रेनें शामिल हैं।एक दूध की रेक पालनपुर से हिंद टर्मिनल के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि मार्च, 2020 के बाद से उपनगरीय और गैर-उपनगरीय खंडों सहित सम्पूर्ण पश्चिम रेलवे पर होने वाली कमाई का लॉकडाउन के कारण कुल घाटा 956.43 करोड़ रुपये रही है। इसके बावजूद, अब तक टिकटों के निरस्तीकरण के परिणामस्वरूप, पश्चिम रेलवे ने 277.31 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है। गौरतलब है कि इस रिफंड राशि में, मुंबई डिवीजन ने अकेले 133.34 करोड़ रुपये का रिफंड सुनिश्चित किया है। अब तक, 42.12 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार उनकी वापसी राशि प्राप्त की है।

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