अत्यावश्यक सामग्री के परिवहन हेतु पश्चिम रेलवे द्वारा ओखा और त्रिवेंद्रम के बीच एक पार्सल विशेष ट्रेन की दो और सेवाऍं चलाने का निर्णय

 मुंबई। घातक कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन के मद्देनजर, पश्चिम रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारी निरंतर अपनी अनुकरणीय सेवाओं के माध्यम से देश के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे हमेशा अपने ग्राहकों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध रही है और उसने देश के विभिन्न हिस्सों में अत्यावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना लगातार जारी रखा है। एक अनोखी पहल के रूप में, पश्चिम रेलवे द्वारा लॉकडाउन अवधि के दौरान कई टाइम टेबल्ड पार्सल विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में ओखा और त्रिवेंद्रम के बीच एक पार्सल विशेष ट्रेन की दो और सेवाऍं चलाने का निर्णय लिया गया है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ओखा और त्रिवेंद्रम के बीच एक पार्सल विशेष ट्रेन की 2 और सेवाऍं चलने वाली हैं। ट्रेन संख्या 00933 ओखा – त्रिवेंद्रम पार्सल विशेष ट्रेन 14 मई, 2020 को 13.10 बजे ओखा से निकलकर 16 मई, 2020 को 12.00 बजे त्रिवेंद्रम पहुॅंचेगी। इसी प्रकार, ट्रेन नम्बर 00934 त्रिवेंद्रम – ओखा पार्सल विशेष ट्रेन 16 मई, 2020 को त्रिवेंद्रम से 23.00 बजे निकलकर 18 मई, 2020 को 21.40 बजे ओखा पहुंचेगी। यह ट्रेन जामनगर, राजकोट, सुरेंद्रनगर, अहमदाबाद, आणंद, वड़ोदरा, भरूच, सूरत, वसई रोड, पनवेल, रोहा, रत्नागिरि, कंकवली, मडगाँव, मैंगलोर, कन्नूर, कालीकट, शोरानुर जंक्शन, थ्रिसुर, एर्नाकुलम टाउन, कोट्टायम और कोल्लम स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी।

भाकर ने बताया कि 23 मार्च से 11 मई, 2020 के बीच 30 हज़ार टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं को पश्चिम रेलवे ने अपनी विभिन्न पार्सल विशेष गाड़ियों के माध्यम से पहुंचाया है, जिनमें कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि शामिल हैं। इस परिवहन से 9.10 करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी हासिल हुई है। इस परिवहन के अंतर्गत पश्चिम रेलवे द्वारा पच्चीस मिल्क स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें 18000 टन से ऊपर का भार था और वैगनों के 100% उपयोग से 3.13 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई। इसी प्रकार, 169 कोविद -19 विशेष पार्सल ट्रेनें भी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं, जिनके लिए अर्जित राजस्व 5.18 करोड़ रुपये रहा। इनके अलावा, लगभग 78 लाख रु. की आय के लिए 100% उपयोग के साथ 4 इंडेंटेड रेक भी चलाए गए। श्री भाकर ने कहा कि 22 मार्च से 11 मई, 2020 तक, माल गाड़ियों के कुल 3554 रेकों का इस्तेमाल 6.81 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है। 7274 मालगाड़ियों को अन्य रेलवे के साथ जोड़ा गया, जिनमें 3656 ट्रेनें और 3618 ट्रेनें अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंट पर ली गईं। पार्सल वैन / रेलवे मिल्क टैंकरों (आरएमटी) के 200 मिलेनियम पार्सल रेक को आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध पाउडर, तरल दूध, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं की मांगों का सामना करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया है।श्री भाकर ने बताया कि 12 मई, 2020 को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए पश्चिम रेलवे से चार पार्सल विशेष ट्रेनें रवाना हुईं, जिनमें पोरबंदर – शालीमार, भुज – दादर और बांद्रा टर्मिनस – लुधियाना विशेष ट्रेनें शामिल हैं। एक दूध की रेक भी पालनपुर से हिंद टर्मिनल के लिए चली। उन्होंने बताया कि मार्च, 2020 के बाद से उपनगरीय और गैर-उपनगरीय क्षेत्रों सहित पश्चिम रेलवे पर लॉकडाउन के कारण कुल कमाई का नुकसान, 821.52 करोड़ रुपये रहा है। इसके बावजूद अब तक टिकटों के निरस्तीकरण के फलस्वरूप पश्चिम रेलवे ने 239.20 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है। गौरतलब है कि इस रिफंड राशि में अकेले मुंबई डिवीजन ने 115.58 करोड़ रुपये का रिफंड सुनिश्चित किया है। अब तक, 37.35 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार उनकी धनवापसी राशि प्राप्त की है।

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