भारत में कोरोना का संक्रमण अभी भी दूसरे स्टेज में: स्वास्थ्य मंत्रालय

 आईसीएमआर की कम्युनिटी ट्रांसमिशन रिपोर्ट को किया खारिज 
 नई दिल्ली । कोरोना संक्रमण को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् (आईसीएमआर) की रिपोर्ट और पंजाब के मुख्यमंत्री के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को लेकर दिए गए बयान को केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने खारिज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अभी देश में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिससे सामुदायिक स्तर पर कोरोना का संक्रमण का फैलाव सिद्ध हो सके। अभी देश लोकल ट्रांसमिशन यानि स्टेज दो पर ही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि आईसीएमआर की रिपोर्ट उन राज्यों के सैंपल के आधार पर है जहां कोरोना के मामले बहुत ज्यादा हैं। ऐसी स्थिति में संपर्क तलाशने में चूक हो सकती है। देश में जब भी ऐसी स्थिति आएगी तो स्वास्थ्य मंत्रालय खुद लोगों को इसकी जानकारी देगा। उन्होंने बताया कि गुरुवार को कुल 16002 टेस्ट किए गए थे जिसमें 304 सैंपल ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यानि 2 प्रतिशत लोग पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि गंभीर तीव्र श्वसन संबंधी बीमारी के अध्ययन में कुल सैंपल में 1.8 प्रतिशत मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से ज्यादातर सैंपल उन राज्यों से लिए गए जहां कोरोना के कई मामले हैं। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना के बढ़ते मामले चिंता का विषय है लेकिन इस संक्रमण चक्र को तोड़ना ही इसका प्रभावी उपाय है। इसलिए लोगों को जागरुक रहने की जरुरत है।
 देश में हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की 3.28 करोड़ गोलियां मौजूद
हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की गोलियों की उपलब्धता पर जानकारी देते हुए लव अग्रवाल ने बताया कि देश में पर्याप्त मात्रा में मलेरिया की दवा हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की गोलियां मौजूद हैं। मौजूदा समय में देश में 3.28 करोड़ गोलियां उपलब्ध हैं जबकि इस महीने के अंत तक 1.6 करोड़ गोलियों का ही इस्तेमाल हो सकता है। देश में 2 करोड़ से ज्यादा गोलियां बफर में है। इसलिए लोगों को इस दवा की उपलब्धता पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। वहीं, एन-95 मास्क, पीपीई किट, वेंटिलेटर की कमी को लेकर भी लोगों में चिंताएं हैं लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता है कि कोरोना की लड़ाई में इन सब उपकरणों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
देश में 213 लैब एक्टिव, अबतक 1.40 लाख टेस्ट किए गए
कोरोना के सैंपल की जांच के लिए देश में अब 213 लैब स्थापित कर दिए गए हैं। इन सभी लैब में सैंपल के जांच का काम शुरू हो गया है। इनमें से 146 सरकारी लैब है और 67 निजी लैब हैं जिनके 16 हजार से ज्यादा कलेक्शन सेंटर हैं। शुक्रवार को देश में 16002 टेस्ट किए गए हैं जबकि देश में अब तक एक लाख 40 हजार से ज्यादा टेस्ट किए जा चुके हैं। आईसीएमआर के मुताबिक अब उन स्थानों से भी सैंपल लिए जाएंगे जहां कोई मामला पॉजिटिव पाया जाएगा। इनमें पॉजिटिव पाए गए मरीज के संपर्क में आए सभी व्यक्ति शामिल हैं फिर चाहे उस व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई दें या नहीं।

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