सोशल डिस्टैंसिंग के दौरान कैसे जुड़ें: लॉक डाउन के कारण होने वाले तनाव से निपटने के लिए हार्टफुलनेस संस्था की नागरिकों के लिए ख़ास पहल

 जैसे-जैसे कोरोना वायरस की महामारी का दुनिया भर में प्रसार हो रहा है, सरकारें, कॉर्पोरेशन और आम जन इस परिस्थिति का सामना करने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। दरअसल इस तरह की समस्या से जूझने का उन्हें कोई खास अनुभव ही नहीं है। लगातार व्याप्त अनिश्चितता, भय, घबराहट और एकाकीपन जैसी अनुभूतियों से लोग जूझ रहे हैं और उन्हें पता ही नहीं कि इस स्थिति का सामना कैसे करें।

सरकारें डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सहायता से रात दिन संक्रमित लोगों की मदद कर रही हैं ताकि वे स्वस्थ हो सकें। हमारी शुभकामनाएँ और प्रार्थना उनके साथ हैं। लेकिन अन्य सभी को मजबूरी में अलग-थलग कर दिए जाने की प्रक्रिया से समय काटने में कठिनाई हो रही होगी।

हार्टफुलनेस संस्था ने प्रभावित लोगों की सहायता करने और उनसे बात करने के लिए एक हेल्पलाइन स्थापित की है। संस्था के ग्लोबल गाइड दाजी आगामी 2 अप्रैल को शाम  5:30 बजे एक सजीव वार्ता का प्रसारण यानी लाइफकास्ट करने जा रहे हैं जिसमें मौजूदा परिस्थिति और इसका सामना करने के बारे में वे अपने विचार रखेंगे। वार्ता के बाद दाजी प्राणाहुति द्वारा ध्यान करवाएँगे। यह एक खास सत्र होगा। प्राणाहुति हार्टफुलनेस ध्यान को विशेष और प्रभावशाली बनाती है। इस ध्यान सत्र में दाजी प्राणाहुति का संप्रेषण करेंगे और जो लोग इसका लाभ लेना चाहते हैं उन्हें सिर्फ यह करना है कि अपनी आँखें बंद कर लें, चुपचाप आराम से बैठ जाएँ, बाहरी बाधाओं की ओर ध्यान न दें और अपना ध्यान अपने ह्रदय में स्थित दिव्यता पर लाएँ।

इस पहल के बारे में टिप्पणी करते हुए दाजी कहते हैं, “यह स्पष्ट है कि हमें आज की परिस्थिति को समझने की, इसका हल खोजने की और इसे जैसे देखना चाहिए वैसे देखने की आवश्यकता है। जानकारियों का अतिरेक है और कम समय में बहुत ज्यादा परिवर्तन हो रहे हैं। अपने सम्पूर्ण जीवन के परिप्रेक्ष्य में आप इसे कैसे देखते हैं और अपनी अनुभूतियों व भावनाओं को नियंत्रित कर बल देने के लिए क्या करते हैं, यही इस लाइफकास्ट की थीम है ताकि इससे एक सकारात्मक संचारी भाव बने जो सभी को मौजूदा परिस्थिति का एक साथ मिलकर सामना करने में मदद पहुँचाए।”

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