अहमदाबाद में डीओटी 2020 वर्कशॉप के दौरान केएनई3डब्ल्यूआईजेड तकनीक का उपयोग करके घुटने की लाइव सर्जरी की

प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन और केएनई3डब्ल्यूआईजेड के आविष्कारक डॉ. मनीष शाह, एमएस (ऑर्थो) द्वारा संचालित इस सर्जरी ने घुटने के संपूर्ण रिप्लेसमेंट (टीकेआर) के मामलों में 3डी तकनीक के क्रमिक विकास का प्रदर्शन किया।

8 मार्च, 2020: प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मनीष शाह ने अहमदाबाद में आयोजित डिजिटल ऑर्थोपेडिक टेक्नॉलॉजी वर्कशॉप के दौरान अपनी पेटेंट कराई हुई केएनई3डब्ल्यूआईजेड तकनीक का उपयोग करते हुए आज घुटने की लाइव सर्जरी की।

यह लाइव सर्जरी अहमदाबाद की डिजिटल ऑर्थोपेडिक टेक्नॉलॉजी वर्कशॉप 2020 (डीओटी 2020) में एसईए (सर्जन एज्यूकेशन एकेडमी) द्वारा प्रदर्शित की गई, जो घुटने की आर्थ्रोप्लास्टी के क्रमिक विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाली अपनी तरह की पहली वर्कशॉप थी।

केएनई3डब्ल्यूआईजेड तकनीक के आविष्कारक डॉ. मनीष शाह ने इस उपलब्धि के बारे में बात करते हुए कहा, “केएनई3डब्ल्यूआईजेड तकनीक घुटने के संपूर्ण रिप्लेसमेंट (टीकेआर) की एक अत्यधिक सटीक सर्जरी प्रक्रिया है, जो एक संवर्धित प्रणाली निर्मित करने के लिए पिछली सभी मौजूदा तकनीकों से आगे है। यह संवर्धित प्रणाली आजमाई जा चुकी हर चीज का व्यक्तिगत रूप से आकलन करती है और सटीक व बेजोड़ समाधान प्रस्तुत करती है। यह उत्पाद काफी समय और पैसा बचाने के साथ-साथ पारंपरिक और आधुनिक टीकेआर सर्जरी, जैसे कि पैशेंट स्पेसिफिक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी के साथ-साथ कंप्यूटर असिस्टेड सर्जरी के सामने उत्पन्न सभी कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करता है।”

देश भर के 150 से अधिक आर्थोपेडिक और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जनों की भागीदारी वाली ‘डीओटी2020’ भारत की पहली हैंड-ऑन-वर्कशॉप है, जिसमें डिजिटल उपकरणों के सहारे बोन रजिस्ट्रेशन करने का व्यक्तिगत प्रशिक्षण दिया गया। घुटने का संपूर्ण रिप्लेसमेंट (टीकेआर) करने के मूल सिद्धांतों को शामिल करने के अलावा घुटने के कुशल रिप्लेसमेंट की 3डी प्लानिंग का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु वर्कशॉप में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत वर्कस्टेशन भी उपलब्ध कराए गए। प्रतिभागियों ने टीकेआर के लिए 3डी प्रिंटेड समाधानों की योजना बनाना और उन्हें हासिल करना भी सीखा।

वर्कशॉप के पश्चात आगंतुक सर्जनों को डॉ. मनीष शाह और उनकी टीम द्वारा खुद डॉ. शाह के हाथों विकसित किए गए अत्यंत अभिनव केएनई3डब्ल्यूआईजेड टूल का उपयोग करने वाली लाइव सर्जरी दिखाई गई। केएनई3डब्ल्यूआईजेड को पूर्ण रूप से सर्जन आश्रित प्रणाली के रूप में डिजाइन किया गया है, जहां एक बार सीटी स्कैन लोड हो जाने के बाद, सर्जन एनाटॉमिकल लैंडस्केप को रजिस्टर करता है, प्रोस्थेटिक घुटने को एलाइन करता है, प्रत्यारोपित की जाने वाली डिजाइन को चुनता है और उसकी स्थिति को अंतिम रूप देता है। तब जाकर सर्जन समय और धन दोनों की बचत करते हुए अपने ऑपरेटिव प्लान को फिर से बनाने के लिए केएनई3डब्ल्यूआईजेड जिग का उपयोग सटीकता के साथ करता/करती है।

चिकित्सा उपकरण के नवाचार में बीस से अधिक वर्षों का अनुभव तथा अपने नाम दस से अधिक पेटेंट (जिनमें सर्जिकल रोबोटिक्स के लिए कुछ पेटेंट शामिल हैं) रखने वाले श्री केतन जाजल ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- “चाहे पुराने तरीके वाला कंप्यूटर नेविगेशन हो या सबसे हालिया रोबोटिक बोन मैपिंग, डिजिटल उपकरण का उपयोग करके सटीक बोन रजिस्ट्रेशन करना किसी भी प्रौद्योगिकी संचालित सर्जरी सहायता प्रणाली के लिए सफलता की आधारशिला होती है। इस सिलसिले में हम आपके लिए डिजिटल उपकरणों के सहारे बोन रजिस्ट्रेशन करने का व्यक्तिगत प्रशिक्षण देने वाली भारत की पहली हैंड्स-ऑन-वर्कशॉप आयोजित रहे हैं।”

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