2019 में पर्यटन को बढ़ावा देने सरकार ने उठाए कई कदम

 पर्यटन क्षेत्र में अर्थव्यवस्था को गति देने, विदेशी मुद्रा आय बढ़ाने और विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में रोजगार प्रदान करने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने 2019 में ई-वीजा शुल्क कम करने, होटल की बुकिंग पर जीएसटी दरों को कम करने, पर्वतारोहण के लिए 120 नई चोटियों को खोलने आदि जैसे कई कदम उठाए। इसके साथ ही स्वदेश दर्शन, प्रसाद योजना और एक भारत, श्रेष्ठ भारत जैसे कार्यक्रम मंत्रालय के इस वर्ष के महत्वपूर्ण आकर्षण थे।

 

  • विश्व आर्थिक मंच के यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मक सूचकांक (टीटीसीआई) में भारत  2013 में 65वें पायदान पर था, जबकि 2019 में देश 34वें स्थान पर आ गया।
  • जनवरी-नवंबर 2019 के दौरान विदेशी पर्यटन आगमन (एफटीए) की संख्या 96,69,633 थी, जबकि जनवरी, नवंबर 2018 के दौरान 93,66,478 विदेशी पर्यटन आएं। विदेशी पर्यटकों की संख्या में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • जनवरी-नवंबर 2019 के दौरान 25,51,211 पर्यटक ई-पर्यटक वीजा पर भारत आए, जबकि जनवरी-नवंबर 2018 में यह संख्या 20,61,511 थी। ई-पर्यटक वीजा पर आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 23.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • जनवरी-नवंबर 2019 के दौरान विदेशी मुद्रा आय 1,88,364 करोड़ रही। जनवरी-नवंबर 2018 के दौरान विदेशी मुद्रा आय 1,75,407 करोड़ रुपये थी। विदेशी मुद्रा आय में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • स्वदेश दर्शन योजना के तहत थीम आधारित पर्यटन सर्किट का विकास किया गया। स्वदेश दर्शन योजना के तहत अब तक कुल 6035.70 करोड़ रुपये की 77  परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
  • पहचान किए गए तीर्थ स्थलों के समेकित विकास के लिए राष्ट्रीय तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन मिशन (प्रसाद) योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत 840.02 करोड़ रुपये की कुल 28 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है
  • विरासत/पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विकास और इन स्थलों को पर्यटक अनुकूल बनाने के लिए विरासत स्थल अपनाएं : अपनी धरोहर अपनी पहचान परियोजना लागू की गई है। यह परियोजना पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का संयुक्त प्रयास है। इस परियोजना के लिए पर्यटन मंत्रालय ने अब तक 27 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • ई-वीजा
  • ई-वीजा में 4 उप-श्रेणियां हैं – ई-टूरिस्ट वीजा, ई-बिजनेस वीजा, ई-मेडिकल वीजा और ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा।
  • ई-वीजा के द्वारा 28 नामित हवाई अड्डों और 5 नामित बंदरगाहों से प्रवेश पाया जा सकता है।
  • वर्तमान में ई-वीजा योजना 169 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
  • ई-वीजा को उदार बनाया गया है और इसमें निम्न को शामिल किया गया है-
  1. एक साल के ई-टूरिस्ट वीजा के अलावा 5 साल की अवधि का ई-टूरिस्ट वीजा लॉन्च किया गया है। 5 वर्षों के इस ई-टूरिस्ट वीजा से अधिकतम 90 दिनों की बहु प्रविष्टि की जा सकती है और इसे विस्तार नहीं दिया जा सकता।
  2. दो बार प्रवेश की सुविधा के साथ एक महीने के ई-टूरिस्ट वीजा को लॉन्च किया गया।
  3. निजी व्यक्तियों/कंपनियों/संगठनों द्वारा आयोजित निजी सम्मेलनों के लिए ई-कॉन्फ्रेंस वीजा की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा सरकार/पीएसयू उद्यम के लिए दिए जाने वाले ई-कॉन्फ्रेंस वीजा के समान है।
  • देश में पर्यटन प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए सरकार ने ई-वीजा शुल्क में भारी छूट दी है। वीजा की नई दरें निम्न हैं-
  1. 30  तीन ई-पर्यटक वीजा (अप्रैल-जून)       – 10 डॉलर
  2. 30 तीन ई-पर्यटक वीजा (जुलाई-मार्च) – 25 डॉलर
  3. 01-वर्ष ई-पर्यटन वीजा – 40 डॉलर
  4. 05 वर्ष ई-पर्यटन वीजा   – 80 डॉलर
  • सरकार ने पर्वतारोहण और ट्रैकिंग के लिए 120 पर्वत चोटियों को खोलने की अनुमति दी है। इससे देश में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
  • सरकार ने 1,001 रुपये से 7500 रुपये प्रति रात्रि किराये वाले होटल कमरों पर जीएसटी की दर कम करके 12 प्रतिशत कर दी है, जबकि 7501 रुपये से अधिक किराये वाले कमरों पर जीएसटी की दर कम करके 18 प्रतिशत कर दी गई है। जीएसटी दर में यह कमी पर्यटन गंतव्य के रूप में क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए की गई है।

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