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हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों का इतिहास सर्वत्र पहुंचे – भारताचार्य सु. ग. शेवडे

मुंबई में प्रांतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन प्रारंभ

 मुंबई । हमें हिन्दू धर्म की महानता ध्यान में लेने की आवश्यकता है । जब भारत का विभाजन हुआ तब मुसलमानों को अलग राष्ट्र दिया, तब हिन्दुओं पर अनेक अत्याचार किए गए । यह इतिहास हमें नहीं बताया गया । अबतक हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों का इतिहास हम प्रवचनकार और कीर्तनकार अपने मार्गदर्शन से प्रत्येक हिन्दू तक पहुंचाएंगे । संतों द्वारा बताए अनुसार हिन्दू राष्ट्र वर्ष २०२३ में आएगा, परंतु हमारा कर्तव्य है इसलिए आवश्यक सभी कार्य हमें करना है । हिन्दू राष्ट्र का कार्य करते समय लोग हमें पागल कहेंगे, परंतु कल वही इतिहास होगा । ऐसा प्रतिपादन प्रसिध्द प्रवचनकार और कीर्तनकार भारताचार्य सु.ग.शेवडे ने किया । जोगेश्‍वरी में १४ दिसंबर को आरंभ हुए दो दिवसीय प्रांतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के उद्घाटन समारोह के समय वे बोल रहे थे ।

उस समय व्यासपीठ पर कल्याण के सद्गुरु स्वामी समर्थ सेवा ट्रस्ट के संस्थापक मोडक महाराज, हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ के राज्य संगठक सुनील घनवट और हिन्दू जनजागृति समिति के मुंबई प्रवक्ता डॉ.उदय धुरी उपस्थित थे ।

अधिवेशन के आरंभ में शंखनाद कर मोडक महाराज के शुभ हाथों दीप प्रज्वलन किया गया । तत्पश्‍चात वेदमंत्रपठण हुआ और उपस्थित संत, वक्ताओं का सम्मान किया गया । उस समय मराठी सनातन पंचांग २०२० के एन्ड्रॉइड एप का लोकार्पण भारताचार्य सु.ग.शेवडे के शुभ हाथों से किया गया ।

इस अधिवेशन में सनातन संस्था की संत सद्गुरू कु. अनुराधा वाडेकर, श्रीमती. संगीता जाधव और भागर्व बी.पी. सचिनवाला के साथ ही मुंबई, ठाणे, रायगड और पालघर जनपदों के अनेक हिंदुत्वनिष्ठ उपस्थित थे ।

धर्मग्लानि दूर करने के लिए साधना कर धर्मकार्य करना होगा

 श्री स्वामी समर्थ सेवा ट्रस्ट, कल्याण के संस्थापक अध्यक्ष मोडक महाराज ने कहा कि धर्म के बिना किसी भी जीव की मान्यता अथवा अस्तित्व नहीं है । वर्तमान में हिन्दू धर्म के संदर्भ में जितना होना चाहिए उतना प्रबोधन नहीं होता । हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधियों को बहुत बड़ा कार्य करना होगा । हमारा हिन्दू धर्म कैसे बढ़ेगा, टिकेगा इसका प्रसार करना होगा । वर्तमान में आई धर्मग्लानि दूर होने के लिए हमें साधना कर धर्मकार्य करना होगा ।”

संविधान में समानता का विचार होकर भी हिन्दुओं की अनदेखी

 हिन्दू जनजागृति समिति महाराष्ट्र व छत्ततीसगढ के राज्य संगठक सुनील घनवट ने कहा, “स्वतंत्रता मिलने के पश्‍चात हमें धर्मनिरपेक्षता ने भ्रमित किया है । स्वयं के स्वार्थ के लिए हम कितने धर्मनिरपेक्ष हैं, यह दिखाने का प्रयास कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा है । स्वतंत्रता से पूर्व यह देश धर्मनिरपेक्ष नहीं था । वर्ष १९७६ में संविधान में सेक्युलर शब्द डाला गया है । स्वतंत्रता के काल में विभाजन के समय धर्म के आधार पर पाकिस्तान इस्लामी राष्ट्र बना, तब भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करना अपेक्षित था, परंतु वैसे हुआ नहीं । संविधान में सभी का समान विचार करने को कहा है, परंतु इस देश में अल्पसंख्यकों को ही प्रथम प्रधानता दी जाती है और हिदुओं के विषय की ओर अनदेखी की जाती है ।”  यह जानकारी डॉ. उदय धुरी, मुंबई प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति के मुंबई प्रवक्ता डॉ. उदय धुरी ने दी।

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