सिटी-एनसीपीए ने भारतीय संगीत के आदि अनंत महोत्सव के नौवें संस्करण की घोषणा की

मुंबई: द नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) और सिटी इंडिया ने बहुप्रतीक्षित भारतीय संगीत महोत्सव ‘‘सिटी-एनसीपीए आदि अनंतः फ्रॉम हीयर टू इटरनिटी’’ के नौवें संस्करण के लॉन्च की घोषणा की है। इस महोत्सव में शास्त्रीय संगीत समुदाय के सबसे सम्मानीय उस्तादों में से कुछ आएंगे, जैसे शिव कुमार शर्मा, हरिप्रसाद चौरसिया, जाकिर हुसैन, नीलाद्री कुमार, टी.एम. कृष्णा,  आर. कुमारेश और श्रीमती जयंती कुमारेश, आदि।

सिटी-एनसीपीए आदि अनंत महोत्सव 2019-2020 के द्वार मुंबई में 1 दिसंबर, 2019 को एनसीपीए एडीडी आर्ट फेस्टिवल में खुलेंगे और संतूर के अर्थदर्शक शिव कुमार शर्मा महान बांसुरीवादक हरिप्रसाद चौरसिया के साथ प्रस्तुति देंगे।

यह दो महारथी ऐसी संगीतमय वार्ता करेंगे, जो श्रोताओं को शास्त्रीय से लेकर हल्की शैलियों की यात्रा पर ले जाएगी और भारतीय वाद्ययंत्रों की ध्वनि और भाव के असंख्य रंग अभिव्यक्त करेगी।

 दूसरी प्रस्तुति मुंबई में 14 दिसंबर, 2019 को होगी, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात तबला उस्ताद जाकिर हुसैन एकल और सितार के उस्ताद नीलाद्री कुमार के साथ ड्यूएट प्रस्तुति देंगी।

 इस अदायगी में यह कलाकार एक-दूसरे के साथ ध्वनियों का अन्वेषण करेंगे और एक ही वाद्ययंत्र के परंपरागत अनुक्रम पर नहीं चलेंगे। मुंबई की प्रस्तुतियों के बाद आदि अनंत महोत्सव तीन शहरों -चेन्नई, बेंगलुरू और पुणे की यात्रा करेगा।

सिटी और एनसीपीए ने अपने-अपने क्षेत्रों को नये आयाम दिये हैं और वे भारत की धरोहर और संगीत के संरक्षण हेतु सतत् रूप से काम करते हैं। सिटी-एनसीपीए आदि अनंत उन कलात्मक परंपराओं के माध्यम से अमरत्व की अवधारणा का उत्सव मनाता है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को दी गई हैं, बाधारहित तरीके से, प्राचीन गुरू-शिष्य परंपरा के जरिये। यह महोत्सव दर्शकों को हमारे देश के संगीत के सबसे पुराने रूपों में से कुछ के माध्यम से भारतीय संस्कृति से जुड़ने और पुरानी धुनों के वर्तमान संगीत का आनंद लेने का अवसर देगा।

नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स के चेयरमैन खुशरू एन. संतूक ने कहा, ‘‘नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स में हम अपने जीवन में कलाओं के महत्व को पहचानते हैं, खासकर युवाओं के लिये। चाहे युवा कलाकारों को पोषित करना हो या महान उस्तादों का उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शित करना हो या नये दर्शकों से जुड़ना हो, हम प्रदर्शन कलाओं के संरक्षण, उन्हें बढ़ावा देने और उनके प्रचार को समर्पित हैं। हम प्रदर्शन कलाओं की सेवा में 50 वर्ष खपा चुके हैं और इस यात्रा में सिटी का साथ पाना हमारे लिये गर्व की बात है, जो पिछले 12 वर्षों से हमारे प्रिय संरक्षक और भागीदार हैं। यह सच में सुखद है कि भारत की महान धरोहर को पोषित करने की हमारी साझा लगन के चलते हमने ‘गुरू-शिष्य’ परंपरा को बनाये रखने के लिये कई पहलें की हैं।’’

सिटी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशु खुल्लर ने कहा, ‘‘हम एनसीपीए जैसे वैश्विक मान्यता प्राप्त संस्थान के लंबी अवधि के भागीदार बनकर गर्वान्वित हैं, खासकर इस वर्ष के लिये, क्योंकि यह उनकी 50वीं वर्षगांठ है। आदर, अनुशासन और लगन वे गुण हैं, जो प्राचीन गुरू शिष्य परंपरा का उदाहरण हैं और एक समाज के तौर पर हमें इन गुणों को अपनाना चाहिये। आदि अनंत महोत्सव इस परंपरा की पुष्टि करता है और विभिन्न युगों का भारतीय संगीत प्रस्तुत करता है, प्रतिभावान युवा संगीतकारों को भारत के जोशीले अतीत और रंगीन भविष्य की झलक दिखाने का मौका देता है। इस काम को आगे बढ़ाने वाली विभिन्न पहलों के लिये एनसीपीए के साथ भागीदारी कर हम प्रसन्न हैं।’’

इस महोत्सव के अलावा सिटी इंडिया और एनसीपीए ने भारतीय और पश्चिमी शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में विभिन्न सीएसआर पहलों के लिये गठबंधन किया है। प्राचीन गुरू-शिष्य परंपरा को जीवित रखने की चाह से दोनों संस्थान संगीतकारों का प्रत्येक स्तर पर सहयोग करने के लिये प्रतिबद्ध हैं, ताकि उनके पास भारतीय शास्त्रीय संगीत के अनुभव और अनुसरण के लिये अवसर और कुशलताएं हों।

प्रोग्राम 1: गुरूओं को सहयोगः इस योजना के तहत 8 गुरूओं में से प्रत्येक को तीन अच्छे शिष्यों के प्रशिक्षण में वित्तीय सहयोग दिया जाता है, एकल शिक्षण के पारंपरिक स्वरूप में। प्रोग्राम शिष्‍यों के लिए बिल्‍कुल मुफ्‍त है।

प्रोग्राम 2: युवा संगीतकारों के लिये छात्रवृत्तिः यह योजना हिन्दुस्तानी संगीत (वोकल -ध्रुपद और खयाल, वाद्य संगीत- लय और ताल) के क्षेत्र में अप्रवीण (आयु वर्गः 18-30) प्रतिभावानों के लिये है। लाइव ऑडिशन में प्रदर्शन की गुणवत्ता के आधार पर हर वर्ष नौ छात्रवृत्तियाँ दी जाती हैं।

प्रोग्राम 3: स्कूली बच्चों को संगीत का प्रशिक्षणः यह प्रोग्राम स्कूली बच्चों को भारतीय संगीत का प्रशिक्षण देता है, 9 स्कूलों में लगभग 600 विद्यार्थियों को।

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