चुनाव जीतने के लिए कृषि ऋण माफी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्‍यान केन्द्रित कर रही है महायुति

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जीतने के लिए जहां कांग्रेस – एनसीपी ने स्थानीय लोगों को 80 प्रतिशत आरक्षण देने का आश्वासन दिया है, वहीं  शिवसेना और भाजपा अपने अभियानों में कृषि ऋण माफी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्‍यान केन्द्रित कर रही हैं।

मतदाताओं को लुभाने के लिए महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज नाशिक और धुले जिले में छह चुनावी रैलियां, जबकि उनके गठबंधन के सहयोगी शिवसेना अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे शिरडी जिले में पांच रैलियां संबोधित कर रहे हैं।

कांग्रेस और राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनाव प्रचार में प्रवर्तन निदेशालय और जांच एजेंसियों के दुरूपयोग और विकास न होने तथा बिगड़‍ती कानून व्‍यवस्‍था को मुख्‍य मुद्दा बनाया है। सोलापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने यह साफ कहा कि बढ़ते भगवा ज्‍वर को हराने के लिए एकमात्र विकल्‍प यही है कि राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अपनी मूल पार्टी यानि कि कांग्रेस में विलय हो जाए। हालांकि एनसीपी प्रमुख शरद पंवार ने इस तरह की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है।

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