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फेवीक्रिल ने सीवुड्स ग्रैंड सेंट्रल मॉल में मिनी ट्राई कलर कैनवास को जोड़कर बनाया भारत का सबसे विशाल मानचित्र

लिम्का हम बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होने के प्रयास

मुंबई। पिडीलाइट इंडस्ट्रीज के एक प्रमुख आर्ट एंड क्राफ्ट ब्रांड फेविक्रिल ने नवी मुंबई के सीवुड्स ग्रैंड सेंट्रल मॉल में मिनी ट्राई कलर कैनवस को जोड़ते हुए देश का सबसे बड़ा मानचित्र बनाकर प्रतिष्ठित लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाने का प्रयास किया। यह उपलब्धि ब्रांड की अनूठी पहल ऑल कैन आर्ट का एक हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य स्किल और परफेक्शन की परवाह किए बिना सभी को फ्लड आर्ट टेक्निक का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है। फ्लड आर्ट में किसी खास तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है और यह लोगों को अपने मन मुताबिक पेंटिंग करने और अपनी क्रिएटिविटी को सामने लाने का मौका देती है।

देश के स्वतंत्रता दिवस से पहले, सीवुड्स ग्रैंड सेंट्रल मॉल में इस असाधारण उपलब्धि का अनावरण किया गया। आकार में यह 25 फीट चौड़ा और 25 फीट लंबा था। इसे 97% पार्किंसंस के रोगियों, 300 से अधिक स्कूली छात्रों और 68 कारपोरेट कर्मचारियों की रचनात्मक को एक साथ जोड़ कर तैयार किया गया है। प्रतिभागियों ने फेवीक्रिल एक्रेलिक रंगों का उपयोग करते हुए 3 रंगों में मिनी कैनवस चित्रित किए थे।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत के रंगों का जश्न मनाने के तौर पर इसे 11 से 18 अगस्त 2019 तक मॉल में प्रदर्शित किया जाएगा। पिडीलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कंज्यूमर प्रोडक्ट्स सीईओ शांतनु भांजा ने कहा, ऑल कैन आर्ट के माध्यम से हम यह बताना चाहते हैं कि अब रचनात्मक सोच रखने वाला कोई भी व्यक्ति पेंटिंग बना सकता है और जादू जगा सकता है। औपचारिक प्रशिक्षण की कोई आवश्यकता नहीं है। फ्लड आर्ट मुक्त प्रवाह है और कोई शौकिया कलाकार भी इसे कर सकता है। इसकी यही खूबी है, इसे सभी के लिए बेहतरीन आर्ट बनाती है। स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को और यादगार बनाने और फेवीक्रिल की ऑफ मेकिंग क्रिएटिविटी के हिस्से के रूप में हम जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक प्लेटफार्म प्रदान करने और अपनी क्रिएटिविटी के लिए रास्ता देने को तैयार हैं हमें उम्मीद है कि इसकी बदौलत हमारा नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी जुड़ेगा।

सीवुड्स ग्रैंड सेंट्रल मॉल के सेंटर डायरेक्टर निलेश सिंह ने कहा कि आर्ट सिर्फ क्रिएटिविटी से जुड़ा मसला नहीं है, बल्कि यह दौड़ते- भागते जीवन में लोगों की कल्पनाशीलता को भरने का एक जरिया भी है। हम फेवीक्रिल की इस अनूठी पहल में भाग लेने के लिए अपने सभी साथियों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। सीवुड्स ग्रैंड सेंटर मॉल में हम इस तरह की अनूठी पहल की मेजबानी करने में बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं, जो न केवल समाज को शामिल करती है, बल्कि उसे प्रेरित भी करती है।

इस साल की शुरुआत पार्किंसंस डिजीज एंड मूवमेंट डिसऑर्डर सोसायटी के साथ अवर लेडी आफ साल्वेशन चर्च,दादर और श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ बोरीवली में आयोजित सत्र के साथ शुरू हुई। 97 पार्किंसंस रोगियों ने कार्यशाला में भाग लिया और फ्लड आर्ट टेक्निक का उपयोग करके कैनवास पर रंग चढ़ाते हुए अपनी रचनात्मकता को व्यक्त किया। अपनी शारीरिक बाधाओं के बावजूद प्रतिभागियों ने अपना कला रूप दिखाया और अपनी छिपी प्रतिभा को उजागर किया। गतिविधि का दूसरा चरण एमकेईएस स्कूल मलाड में हुआ, जहां एक साथ तीन सौ से अधिक स्कूली छात्र इस अनोखे रूप पर हाथ आजमाने आए। इसी तरह शहर भर में कारपोरेटेस ने भी कैनवस बनाए और अपना योगदान दिया।

कला के इस बेहतरीन उदाहरण को आखिरकार सीवुड्स ग्रैंड सेंट्रल में लाया गया। यह एक ऐसा मॉल है, जिसने कलाकार और प्रतिभाओं को हमेशा मॉल में अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। विराट कोहली का सबसे बड़ा दिया पोट्रेट, महाराष्ट्र के दिव्यांगों द्वारा बीस्पोक टेलरिंग सामग्री का उपयोग करते हुए बनाया गया सचिन तेंदुलकर का 46×24 फीट का मोजाइक और महाराष्ट्रीयन संस्कृत को प्रदर्शित करती साथ 60x 40 फीट की रंगोली मॉल में पहले से प्रदर्शित कुछ आर्ट इंस्टॉलेशन हैं।

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