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एनसीपीए बंदिश: प्रसिद्ध भारतीय संगीतकारों को एक श्रद्धांजलि

23, 24 और 25 अगस्त 2019 को टाटा थियेटर में

एचएसबीसी के सहयोग से नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) प्रस्तुत करता है एनसीपीए बंदिश। तीन दिवसीय महोत्सव के 10वें संस्करण का आयोजन 23 से 25 अगस्त 2019 तकटाटा थिएटरएनसीपीए में किया जाएगा। इसमें महान संगीतकारों की कुछ सबसे बेहतरीन रचनाओं की प्रस्तुति जाने-माने कलाकारों द्वारा दी जाएगी।

इस संस्करण में भुवनेश कोमकलीकौशिकी चक्रवर्तीअरुणा साईरामसुरेश वाडेकर और साधना सरगम जैसे कलाकार हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत के रचनाकारों : कुमार गंधर्वज्ञान प्रकाश घोषबड़े गुलाम अली खानऊथुक्कडु वेंकट सुब्बा अय्यर व मुत्थुस्वामी दीक्षितार की प्रसिद्ध कृतियों पर प्रस्तुति देंगे। महोत्सव का समापन एस. डी. बर्मनरोशन और मदन मोहन जैसे फिल्म संगीतक निर्देशकों के अमर गीतों पर आधारित प्रस्तुति के साथ होगा।

महोत्सव के बारे में बताते हुए इंडियन म्यूजिकएनसीपीए की प्रोग्रामिंग हेड डॉ. सुवर्णलता राव ने कहा, “जबकि हम एनसीपीए की शुरुआत के 50वें वर्ष में हैं, हम बंदिश के एक दशक को भी सेलीब्रेट कर रहे हैं। यह कार्यक्रम भारतीय रचनाकारों की रचनाओं को एक साथ लाने और नए दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इन वर्षों में एनसीपीए बंदिश उन महान भारतीय संगीतकारों की रचनाओं को सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने का एक मंच बन गया है जिन्होंने हमारी संगीत परंपरा में बहुत योगदान दिया है, हमारे देश के महान संगीतकारों की विरासत को जीवित रखा है।”

अपने दादा जाने-माने कुमार गंधर्व की संगीत विरासत को आगे बढ़ रहेभुवनेश कोमकली 23 अगस्त को उनकी कुछ प्रतिष्ठित कृतिया पेश करेंगे जिसने घरानों से परे हटकर सभी कलाकारों को प्रभावित किया है। भुवनेश कोमकली को उनके पिता मुकुल शिवपुत्र और दादी वसुंधरा कोमकली ने प्रशिक्षित किया है। उनकी प्रस्तुति सशक्त और अभिव्यंजक शैली के साथ भावनात्मक रूप से मनमोहक होती है।

इसके अलावा कौशिकी चक्रवर्ती, सबसे चर्चित संगीतकारों में से एकज्ञान प्रकाश घोष की कुछ अमर कृतिया प्रस्तुत करेंगी, जिनकी रचनाओं का दायरा शास्त्रीय व हल्के संगीत से लेकर आधुनिक,आर्केस्ट्रा और कोरल म्यूजिक तक विस्तृत हैं। वह अपने गायन में महानबड़े गुलाम अली खान (सबरंग) की ठुमरी और दादरा रचनाएँ भी शामिल करेंगी।

ऐसा माना जाता है कि ऊथुक्कडु वेंकट सुब्बा अय्यर (वेंकट कवि)की रचनाओं ने कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति सहित आने वाली पीढ़ी के संगीतकारों को प्रभावित किया है। 24 अगस्त को अरुणा साईराम इस महान संगीतकार के साथ ही मुत्थुस्वामी दीक्षितार की रचनाओं पर प्रस्तुत देंगी।

पिछली सदी के दौरान एस. डी. बर्मनरोशन और मदन मोहन जैसे मशहूर संगीत निर्देशकों ने हिंदी फिल्मों को कुछ यादगार रचनाएँ दीं। महोत्सव के अंतिम दिन 25 अगस्त को सुरेश वाडेकर और साधना सरगम इन संगीतकारों के अविस्मरणीय राग-आधारित गीतों को अपने सुरों से सजाएंगे।

 

एनसीपीए बंदिश 2019 – लाइन अप

23 से 25 अगस्त तक टाटा थिएटर में

दिनांक कलाकार संगीतकार
23 अगस्त, 2019 भुवनेश कोमकली
कौशिकी चक्रवर्ती
कुमार गंधर्व
ज्ञान प्रकाश घोष
बड़े गुलाम अली खान
24 अगस्त, 2019 अरुणा साईराम ऊथुक्कडु वेंकट सुब्बा अय्यर

(वेंकट कवि)
मुत्थुस्वामी दीक्षितार

25 अगस्त, 2019 सुरेश वाडेकर
साधना सरगम
एस. डी. बर्मन,रोशन और मदन मोहन

 

 

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