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फेविक्रिल और पार्किंसंस डिजीज एंड मूवमेंट डिसआॅर्डर सोसायटी ने मनाया भारत के विविध रंगों का जश्न

मुंबईः पिडिलाइट इंडस्ट्रीज समूह के एक लीडिंग आर्ट और क्राफ्ट ब्रांड फेविक्रिल ने एक अनूठी पहल रुआॅलकेनआर्ट की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य फ्लूइड आर्ट तकनीक का उपयोग करके कौशल और पूर्णता के विचार से परे सभी को कला के लिए प्रोत्साहित करना है। आम तौर पर लोग तकनीकी जानकारी की कमी के कारण अपने विचारों को कैनवस पर उतारने से हिचकते हैं। लेकिन फ्लूइड आर्ट लोगों को स्वतंत्र रूप से पेंट करने का अवसर देती है और इस तरह उन्हें अपनी रचनात्मकता को सामने लाने का मौका देती है।

पहल रुआॅलकेनआर्ट के एक भाग के रूप में फेविक्रिल का उद्देश्य लिम्का रिकॉर्ड बनाना है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोगों द्वारा फ्लुइड आर्ट तकनीक का उपयोग करके पेंटिंग और मिनी कैनवस के माध्यम से भारत के सबसे बड़े मानचित्र की रचना की जाएगी।

पार्किंसंस डिजीज एंड मूवमेंट डिसऑर्डर सोसाइटी (पीडीएमडीएस) के साथ एक सत्र के बाद इस पहल की शुरुआत हुई। पीडीएमडीएस दरअसल एक एनजीओ है, जो सामुदायिक सहायता केंद्रों के एक नेटवर्क के माध्यम से पार्किंसंस रोग से पीड़ित लोगों को विभिन्न प्रकार की चिकित्सा प्रदान करता है। पार्किंसंस से पीड़ित लोगों को चलने-फिरने और कोआॅर्डिनेशन के दौरान कठिनाई होती है। फ्लूइड आर्ट तकनीक उन्हें कैनवास पर प्रयोग करने और पेंट करने की अनुमति देती है क्योंकि इसके लिए किसी पेशेवर कौशल सेट की आवश्यकता नहीं होती है।
पार्किंसंस रोग से पीडित 60 से अधिक रोगियों ने कार्यशाला में भाग लिया और फ्लूइड आर्ट तकनीक का उपयोग करके कैनवास पर रंग बिखेरकर एक खुले आसमान की तरह अपनी रचनात्मकता को मुक्त किया। वे जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनसे उपजी निराशा के बावजूद, कला रूप ने प्रतिभागियों को अपनी कलात्मक कौशल दिखाने और अपनी छिपी प्रतिभा को उजागर करने का एक बेमिसाल अवसर दिया।
पार्किंसंस डिजीज एंड मूवमेंट डिसऑर्डर सोसाइटी (पीडीएमडीएस), मुंबई के सीईओ डाॅ मारिया बरेट्टो कहते हैं, ‘‘हमारे रोगियों के लिए यह एक यादगार अवसर था, जब उन्हें रुआॅलकेनआर्ट पहल का हिस्सा बनने का मौका मिला। हमारा मानना है कि कला उनके भावनात्मक स्वास्थ्य की बेहतरी की दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है और उनके कल्याण के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकती है। मरीजों को कला के माध्यम से बेहद आराम मिलता है, क्योंकि यह कला ही है, जो उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति को सक्षम बनाती है। हमारे पार्किंसंस सहायता समूहों के सदस्यों ने सत्र का पूरी तरह से आनंद लिया और व्यक्त किया कि वे वास्तव में उन कौशल का पता लगाने के लिए उत्साहित थे जो उन्होंने पहले कभी नहीं किए थे। हम इस अवसर को देने के लिए फेविक्रिल और पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के आभारी हैं और साथ ही हम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का हिस्सा बनकर रोमांचित अनुभव कर रहे हैं।‘‘

पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीईओ-कंज्यूमर प्रोडक्ट्स श्री शांतनु भांजा कहते हैं, ‘‘पहल रुआॅलकेनआर्ट के माध्यम से हम यह संदेश देना चाहते हैं कि अब रचनात्मक इरादे वाला कोई भी व्यक्ति जादू कर सकता है। कला के लिए दरअसल औपचारिक प्रशिक्षण की कोई आवश्यकता नहीं है। फ्लूइड आर्ट मुक्त भाव से प्रवाहित होती है और एक शौकिया कलाकार द्वारा भी इसका अभ्यास किया जा सकता है जो इसे सभी के लिए एक महान कला का रूप देता है। हमें खुशी है कि पीडीएमडीएस में रोगियों ने सत्र का आनंद लिया। आगे हम इसी तरह के और अधिक सहयोग के लिए तत्पर हैं।‘‘
गतिविधि का दूसरा चरण एम के ई एस स्कूल, मालाड में होगा, जहां 300 से अधिक स्कूली छात्र शुक्रवार, 02 अगस्त को एक साथ जुटेंगेे और यूनिक आर्ट फॉर्म पर हाथ आजमाएंगे। इसी तरह, शहर भर में कॉर्पोरेट्स द्वारा कैनवस बनाए और योगदान किए जाएंगे।

क्रिएटिव मास्टरपीस एकत्र करने के बाद उन्हें 11 अगस्त को सीवुड्स ग्रांड सेंट्रल माॅल में एक साथ रखा जाएगा और स्वतंत्रता दिवस के समारोह को यादगार बनाने के लिहाज से इसका अनावरण किया जाएगा।

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