Home / Headline / शिवत्व का माह सावन में आराधना से पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं

शिवत्व का माह सावन में आराधना से पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं

हिंदू धर्म के अनुसार, सावन को शिवत्व के अनुरूप वर्ष का सबसे पवित्र महीना माना जाता है तथा प्रत्येक सोमवार को शिव की उपासना का दिन माना गया है।क्योंकि सावन के सोमवार भगवान शिव के सबसे प्रिय दिन माने जाते हैं।  इस प्रकार सावन माह के सोमवार की महत्ता और भी अधिक हो जाती है। ऐसी मान्यताएं हैं कि भगवान विष्णु के सो जाने के बाद इस महीने में भगवान शिव तीनों लोक की रक्षा करते हैं।

17 जुलाई से प्रारंभ सावन का महीना 15 अगस्त को समाप्त होगा। पहला सोमवार 22 जुलाई को रहा और दूसरा सोमवार 29 जुलाई, तीसरा सोमवार 5 अगस्त और चौथा व सावन का अंतिम सोमवार 12 अगस्त है। ऐसा विश्वास है कि इस दौरान भोले बाबा की उपासना करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बहुत से लोग सावन के पहले सोमवार से ही 16 सोमवार व्रत की शुरुआत करते हैं। सावन की एक बात और खास है कि इस महीने में मंगलवार का व्रत भगवान शिव की पत्नी देवी पार्वती के लिए किया जाता है। सावन महीने में किए जाने वाले मंगलवार व्रत को मंगला गौरी व्रत कहा जाता है।

शिव भक्तों के लिए सावन के सबसे बड़े मेले में हरिद्वार का मेला और देवघर का सावन मेला शुमार किया जाता है। हरिद्वार में कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला सावन आते ही शुरू हो जाता है। बम-बम भोले के जयकारों के साथ शिवालयों में महादेव की अराधना की जाती है। इसके बाद लोग गंगा का पवित्र जल कांवड़ में लेकर रवाना होते हैं।
इसी तरह हर साल करोड़ों कांवड़िये झारखंड के देवघर जिला स्थित विश्व प्रसिद्ध वैद्यनाथ धाम में बिहार के सुल्तानगंज में गंगा नदी से जल लेकर द्वादश ज्योतिर्लिगों में से एक का जलाभिषेक करते हैं। काशी के विश्वनाथ जी के दर्शन करने के लिए सात मार्गों से कांवरिया पैदल पहुंचते हैं। सावन के महीने में यहां भक्तों की भारी भीड़ रहती है।

 

Check Also

नागरिकता संशोधन विधेयक ऐतिहासिक फैसला: पीएम मोदी

भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं ने लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी नागरिकता संशोधन ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *