Thursday , December 12 2019

लेख

जीवन के उच्च आदर्श

 अजीत कुमार राय जब कभी हम जीवन के उच्च आदर्श के बारे सोचते हैं, तो हमारे मनमस्तिष्क में मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं विनोबा भावे जैसे महापुरूषों के व्यक्तित्व उभरकर सामने आते हैं, जिन्होंने न केवल अपने जीवन में आदर्शों को पूरी निष्ठा के साथ जिया, अपितु औरों ...

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2016 में डालिए अपने वित्त के लिए योजना बनाने की आदत

जैसे ही हम अपने वित्त प्रबंधन की योजना बनाने बैठते हैं वैसे ही हमें एक दुविधा का सामना करना पड़ता है कि हमें जीवन बीमा की जरूरत है या नहीं। अक्सर हम अपने जीवन में जीवन बीमा की जरूरत को टाल देते हैं और सोच लेते हैं कि ऐसे निर्णय लेने के लिए ...

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कुलिन देसाई ने किया ‘बिलीव एण्ड एचिव’ पुस्तक का विमोचन

मुम्बई। प्रेरक वक्ता एवं परिवर्तक प्रशिक्षण विशेषज्ञ कुलिन देसाई ने विज़्तार इंटरनैशनल द्वारा प्रकाशित ‘बिलीव एण्ड एचिव’ नामक किताब का विमोचन किया गया जिसका उद्देश्य लोगों को अपने उद्यम कौशलों का विकास करने के लिए प्रोत्साहित करना और सफलतापूर्वक अपने व्यापारिक उपक्रमों की शुरूआत करने व उनको सफलतापूर्वक संचालित करने ...

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शक्ति की आराधना का पर्व :  नवरात्र

हिन्दू धर्म में नवरात्र मां दुर्गा की साधना के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं। वर्ष में दो बार नवरात्र रखने का विधान है। चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नौ दिन अर्थात नवमी तक, और छ: मास बाद आश्चिन मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से विजयादशमी ...

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सोच समझकर करें भूखंड का चयन

भूखंड (प्लॉट) का चयन अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए , भले ही भूखंड आवास के लिए खरीदना हो या व्यावसायिक कार्यों के लिए। दोषपूर्ण भूखंड पर यदि वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप भवन बन भी गया, तो भी वह कुछ न कुछ विघ्न-बाधाएं देता ही रहेगा। भूखंण्ड का चयन और मूल्यांकन ...

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जो जैसा है, उसे उसी रूप में स्वीकार करें

हम अपेक्षा के सागर में डूबते-उतराते रहते हैं, यही हमारे दुखी रहने का कारण है। यदि हम दूसरों से अपेक्षाएं न लगाकर, दूसरों को बदलने के बजाय खुद को बदलें, तभी हम अपेक्षाओं के सागर के पार उतर सकेंगे।एक अरसे बाद मुलाकात में एक मित्र बातों ही बातों में पते ...

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खुशखबरी की महक और खुशियों का गुलदस्ता है ईद-उल-फित्र

रमजान माह की इबादतों और रोजे के बाद जलवा अफरोज हुआ ईद-उल फितर का त्योहार खुदा का इनाम है, मुसर्रतों का आगाज है, खुशखबरी की महक है, खुशियों का गुलदस्ता है, मुस्कुराहटों का मौसम है, रौनक का जश्न है। इसलिए ईद का चांद नजर आते ही माहौल में एक गजब ...

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