Wednesday , January 29 2020
Home / मनोरंजन / समीक्षा

समीक्षा

स्ट्रीट डांसर: गज़ब का डांस और मैसेज 

        कलाकार – प्रभुदेवा, वरुण धवन, श्रद्धा कपूर, नोरा फतेही, जरीना वहाब, अपारशक्ति खुराना, राघव, धर्मेश, पुनीत, मुरली शर्मा आदि। कहानी – लंदन में सहज (वरुण धवन) एक स्ट्रीट डांसर है, उसका बड़ा भाई ग्राउंड जीरो नामक डांस प्रतियोगिता में भाग लेता है परंतु अंतिम दौर में ...

Read More »

आंखें ही नहीं, दिल भी द्रवित कर देगी ‘तानाजी : द अनसंग वॉरियर’

अश्वनी राय   स्वराज्य को समर्पित किसी बेमिसाल जीवन से रू- ब- रू होना है, तो ‘तानाजी : द अनसंग वॉरियर’ एक मौका लेकर आई है। फिल्म की विषयवस्तु और प्रस्तुति शुरू से अंत तक बांधे रखती है। फिल्म का क्लाइमेक्स देखते ना केवल आंखें भिगेंगी, बल्कि दिल भी बैठ ...

Read More »

अब्दाली की जीत की नहीं, मराठों की राष्ट्रीय सोच की कहानी है ‘पानीपत’

अश्वनी राय   आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में अर्जुन कपूर, संजय दत्त और कृति सेनन की मुख्य भूमिकाओं से सजी फिल्म ‘पानीपत’ 1761 में अफगान शासक के विरुद्ध वीर मराठा सदाशिव राव भाऊ के नेतृत्व में लड़े गए पानीपत के तीसरे युद्ध की कहानी है। ‘पानीपत’ फिल्म हर युवा को मराठा साम्राज्य ...

Read More »

मज़ेदार व रोचक फ़िल्म है ‘पति पत्नी और वो’

गायत्री साहू  एक वो दौर था जब अरेंज मैरिज में आपसी खुशी ना होते हुए भी दंपत्ति अपना पूरा जीवन एक साथ निभाते थे और यदि पति बेवफाई भी करे तो पत्नी अपनी किस्मत समझ यह दुख भी स्वीकार लेती थी। अब नए जमाने में अरेंज तो छोड़िए लव मैरिज ...

Read More »

एक लड़की के मनोभाव को लेकर प्यार को परिभाषित करती है ‘लव यू टर्न’

 संतोष साहू 3 स्टार  प्रेम कहानी में एक लड़का होता है और एक लड़की होती है। लेकिन हरीश राउत निर्देशित फिल्म ‘लव यू टर्न’ प्रेम त्रिकोण पर आधारित है जिसमें एक लड़की है और उसके दो प्रेमी हैं। इस फ़िल्म में एक लड़की के मनोभाव का गहराई पूर्वक चित्रण करने ...

Read More »

मानसिक प्रवृत्ति और विकृति को दर्शाती है ‘टोनी’

 विपुल के रावल की फ़िल्म ‘टोनी’ की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो एक चर्च में पादरी है और लोगों को शांति का संदेश देता है वहीं उसका दूसरा पहलू बेहद खतरनाक है। वह समाज की बुराई को खत्म करने के बुरे लोगों की हत्याएं भी करता है। शहर ...

Read More »

देशप्रेम और सौहार्द का पैग़ाम लेकर आया ‘कमांडो 3’

3.5 स्टार  भारत में आजादी के समय से ही हिन्दू और मुस्लिम के बीच एक नफरत की लकीर खिंची है। बहुत प्रयास किये गए आपसी नफरत को मिटाने के लिए लेकिन इस दर्द की टीस कोई मिटा नहीं पाया। इस विषय पर कई फ़िल्म बनी है और कामयाब भी रही ...

Read More »

मर्डर मिस्ट्री साधारण स्तर की ‘लफंगे नवाब’

ढाई स्टार  रहस्य, रोमांच को आधार बनाकर जो भी फिल्में बनती है उससे दर्शक शुरू से अंत तक कुर्सी से चिपके रहते हैं। पूरी फिल्म देखते हुए निर्देशक के सोच के साथ दर्शक भी अपने दिमाग का घोड़ा दौड़ाते रहता है मगर कुछ ही फिल्मकार उनके दिमाग के साथ खेल ...

Read More »

कॉमेडी और ड्रामा में संतुलन नहीं बिठा पाया ‘बागपत का दूल्हा’

ढाई स्टार  पश्चिम यूपी की क्षेत्रीय बोली को इन दिनों फ़िल्म और टीवी में जमकर भुनाया जा रहा है। लेकिन इस बार तो वहां के मशहूर शहर बागपत के नाम से ही फ़िल्म बन गई है। निर्देशक करण कश्यप की फ़िल्म की कहानी में बागपत में शुक्ला जी और मिश्रा ...

Read More »

जनजागृति के लिए बनी है ‘झलकी’

4 स्टार  जानवर हो या इंसान उसकी जिंदगी उनके बच्चों में ही समाहित होती है वह अपना दुख और तकलीफें भुलाकर अपनी संतान को हर सुख देने का प्रयास करते हैं। जानवर की परिस्थिति तो समझ आती है पर मनुष्य अपने बच्चों को कैसे उनका बचपन छोड़कर बंधवा मजदूरी की ...

Read More »