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पर्यावरण और पशुधन पारंपरिक रूप से भारत के आर्थिक चिंतन का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा : पीएम मोदी

मथुरा में आज कई कार्यक्रमों की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि पर्यावरण और पशुधन पारंपरिक रूप से भारत के आर्थिक चिंतन का बहुत ही महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा रहा है। यही कारण है कि चाहे स्‍वच्‍छ भारत हो, जल-जीवन मिशन हो या फिर कृषि और पशुपालन को प्रोत्‍साहन, प्रकृति और आर्थिक विकास में संतुलन रहकर ही हम सशक्‍त और नये भारत के निर्माण की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पशुपालन और इससे संबंधित व्‍यापार की किसानों की आमदनी बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका है। उन्‍होंने कहा कि पशुपालन, मत्‍स्‍य और मधुमक्‍खी पालन में किए गए निवेश से किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले पांच साल में सरकार ने खेती से जुड़े अन्‍य विकल्‍पों पर नया दृष्टिकोण अपनाया है। उन्‍होंने कहा कि भारत में डेयरी क्षेत्र का विस्‍तार करने के लिए नवाचार और नई तकनीकों की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने सबसे आग्रह किया कि वे इस वर्ष दो अक्‍तूबर से अपने घरों, कार्यालयों और काम करने के स्‍थानों को सिंगल यूज़ प्‍लास्टिक से मुक्‍त करें। उन्‍होंने गांवों में काम कर रहे स्‍वसहायता समूह, नागरिक समाज, सामाजिक संगठन, युवा संगठन, महिलाओं के समूह, क्‍लब, स्‍कूल और कॉलेजों तथा सरकारी और निजी संस्‍थानों से इस अभियान में हिस्‍सा लेने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मथुरा में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम की शुरूआत भी की। इसका उद्देश्य पशुओं में खुरपका-मुंहपका और ब्रूसेलोसिस रोगों का उन्मूलन करना है। कार्यक्रम के तहत पचास करोड़ से ज्यादा पशुओं को टीके लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन पशुओं का टीकाकरण हो जायेगा उनको पशु आधार यानी यूनीक आई.डी. देकर कानों में टैग लगाया जायेगा। पशुओं को बकायदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड भी जारी किया जायेगा। हमारा पशुधन स्‍वस्‍थ रहे, पोषित रहे और पशुओं की नई और उत्‍तम नस्‍लों का विकास हो। इसी रास्‍ते पर चलते हुए हमारे पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी।

यह कार्यक्रम 2024 तक जारी रखा जाएगा और इस पर लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम और बाबूगढ़ वीर्य केन्द्र की भी शुरूआत की गई। मथुरा यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने स्‍वच्‍छता ही सेवा कार्यक्रम की शुरूआत की। इससे पहले प्रधानमंत्री पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय पशु आरोग्‍य मेला देखने गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद विश्‍व के लिए खतरा बन गया है और इसकी गहरी जड़ें हमारे पड़ोस में हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। मोदी ने कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्‍या है और यह एक विचारधारा बन गया है। यह किसी भी राष्‍ट्र की सीमा में बंधा हुआ नहीं है। श्री मोदी ने कहा कि विश्‍व 11 सितम्‍बर के आतंकी हमलों से कांप गया था। यह वही दिन था जब स्‍वामी विवेकानंद ने विश्‍व शांति का संदेश दिया था।

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