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गोदरेज इंटेरिओ ने मुंबई में शुरू किया भारत का पहला हेल्थकेयर एक्सपीरियन्स सेंटर

मुंबई: घरेलू और इन्स्टिटूशनल उपयोग के फर्नीचर का भारत का अग्रणी ब्रांड गोदरेज इंटेरिओ ने आज ‘गोदरेज इंटेरिओ हेल्थकेयर एक्सपीरियन्स सेंटर’ का उद्घाटन किया। यह एक अभिनव रिटेल संकल्पना है। भारत में यह इस प्रकार का पहला केंद्र है जहाँ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए गोदरेज इंटेरिओ द्वारा बनाए गए सर्वोत्तम उत्पाद और सेवाओं का अनुभव लिया जा सकता है।

नए सेंटर के उद्घाटन अवसर पर गोदरेज एंड बॉयस के एमडी और चेयरमैन जमशीद गोदरेज ने कहा, “सभी के लिए हर दिन जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना गोदरेज एंड बॉयस का उद्देश्य है। प्रसार, सेवाओं में मजबूती और प्रशासन तथा नीजि कंपनियों द्वारा निवेश में वृद्धि के कारन भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन आज भी यहाँ मरीजों को सबसे ज्यादाआराम और सुरक्षा प्रदान कर सके और साथ ही खर्चों की चुनौतिओं को झेल सके ऐसे वातावरण की कमी है। गोदरेज में हम इस क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं और चुनौतियों को मद्देनजर रखते हुए विभिन्न प्रकार की नई सुविधाओं के विकास पर ध्यान दे रहे हैं। उदहारण के तौर पर, जल्द ही हम दुनिया का पहला ऐसा बेड पेश करेंगे जिसे अस्पताल में ही मैन्युअल से मोटोराइज्ड में बदला जा सकता है। इससे अस्पतालों को भविष्य में जरुरत पड़ने पर उसी बेड को अपग्रेड करने में भी मदद मिल सकती है। कई अभिनव प्रयासों के जरिए स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं के अनुभव की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए गोदरेज इंटेरिओ द्वारा किए जा रहे प्रयास देखकर यक़ीनन गर्व महसूस होता है।”

गोदरेज इंटेरिओ के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर अनिल माथुर ने बताया, “आय, रोजगार निर्माण और 16-17 प्रतिशत से बढ़ता हुआ सीएजीआर इन सभी मायनों से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र आज भारत के सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक माना जाता है। लेकिन फिर भी भारत में स्वास्थ्य सेवा में उपलब्ध सुविधाएं बदलती हुई जरूरतों के अनुकूल नहीं हैं। गोदरेज इंटेरिओ ने ऐसे माहौल के निर्माण में ध्यान दिया हैजहाँ उपचार की प्रक्रिया के दौरान मरीजों और उनके परिवारों को आराम, सुरक्षा और सुविधा का अहसास हो। इन्हें एर्गोनॉमिकली डिज़ाइन किया गया है, मरीजों, उनके रिश्तेदारों, नर्सेस और डॉक्टर्स इनसभी की भलाई के लिए क्षमता, सहानुभूति को महत्वपूर्ण मानते हुए इन्हें बनाया गया है। मरीजों और डॉक्टरों के बीच संवाद में सुधार लाने के लिए मानव-केंद्रित दृष्टिकोण और जगहों के लिए अनुकूलसुविधाओं पर आधारित हमारे डिज़ाइन तत्वों को हेल्थकेयर एक्सपीरियन्स सेंटर में अधोरेखित किया गया है।”

इस अवसर पर गोदरेज इंटेरिओ ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर किए गए अपने पहले सर्वे के परिणामों का भी प्रकाशन किया। ‘एलेवटिंग एक्सपिरियंसेस, एनरिचिंग लाइव्स’ इस सर्वे में भारत में स्वास्थ्यसेवाएं प्रदान करते हुए नर्सिंग स्टाफ को जिन चुनौतिओं का सामना करना पड़ता है उनकी वास्तविक जानकारी मिलती है।

सर्वे से पता चलता है कि 90% नर्सेस किसी न किसी पेशीय या हड्डियों से संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं। नर्सिंग में लम्बे समय तक खड़े रहकर काम करने की जरुरत होती है। सर्वे में यह दिखाई देता हैकि 88% नर्सेस दिन के 8-10 घंटे काम करती है और महीने में कम से कम दो या तीन बार ओवरटाइम करती हैं। (35% नर्सेस महीने में तीन से ज्यादा बार ओवरटाइम करती हैं) 74% नर्सेस दिन मेंलगातार 4-6 घंटे खड़े रहकर काम करती हैं जिससे उनकी कमर और पैरों में तनाव, दर्द पैदा होता है। लम्बे समय तक काम, ओवरटाइम, बहुत ज्यादा काम की वजह से उनके शारीरिक और मानसिकखुशहाली पर बुरे असर होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि थके हुए कर्मचारी चिकित्सा के दौरान होने वाली गलतियों के प्रमुख कारणों में से एक हैं।

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