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चक्रवाती तूफान ‘वायु’ का खतरा बढ़ा, समुद्री किनारों पर न जाने की अपील

गुजरात, दमन-दीव और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में चक्रवाती तूफान ‘वायु’ का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार,ये तूफान 13 जून की सुबह पोरबंदर और महुआ से होता हुआ वेरावल और दीव के बीच समुद्र तट को पार करेगा। उत्तरी महाराष्ट्र सहित मुंबई में तेज हवाएं चलनी शुरू हो चुकी हैं। तूफान की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के कई जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। मछुआरों से कहा गया है कि वह समुद्र तट पर न जाएं। वहीं दमन और दीव प्रशासन ने भी लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। महाराष्ट्र सरकार ने भी लोगों से अपील की है कि आज शाम और कल समुद्र किनारे न जाएं।

तूफान के खतरे को देखते हुए गुजरात सरकार ने पर्यटकों से कहा है कि वह सुरक्षित स्थानों पर वापस लौट जाएं। खासकर द्वारका, सोमनाथ, सासन, कच्छ आये पर्यटकों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा गुजरात में सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है और उनसे ड्यूटी पर लौटने को कहा गया है। तटीय इलाकों में सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को 13 और 14 जून को बंद रखा गया है। गुजरात सरकार की ओर से कच्छ से लेकर दक्षिण गुजरात तक पूरे तटीय इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ओडिशा सरकार के साथ भी संपर्क में है, जिससे तूफान से होने वाले नुकसान से बचने के तरीकों के बारे में जानकारी मिल सके, जिन्हें फोनी के वक्त ओडिशा सरकार ने अपनाया था।

गर्म समुद्री हवाओं के कारण बने चक्रवात को वायु नाम भारत की ओर से दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन में ‘वायु’ तूफान अपने चरम पर होगा। लिहाजा मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक केरल तट, लक्षद्वीप और उससे लगे दक्षिण पूर्व अरब सागर में नहीं जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक जिस समय ‘वायु’ तूफान अपने चरम पर होगा, उस समय हवाओं की रफ्तार 140 से 165 किमी प्रति घंटा से ज्यादा हो सकती हैं। फिलहाल अभी प्रशासन अलर्ट पर है। गुजरात में NDRF की 36 टीमें तैनात हैं, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम होंगी। सबसे ज्यादा 26 टीमों को राजकोट में तैयार किया गया है। भारतीय वायुसेना ने एक सी-17 एयरक्राफ्ट दिल्ली से विजयवाड़ा के लिए रवाना किया। यह एनडीआरएफ के 160 लोगों को विजयवाड़ा से जामनगर ले जाएगा। ये सभी चक्रवात वायु से प्रभावित लोगों की मदद करेंगे।

इससे पहले कल गृह मंत्री अमित शाह ने वायु से निपटने के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस संभावित तूफान से लोगों को नुकसान न पहुंचे। 24 घंटे अधिकारी कंट्रोल रूम के जरिए चक्रवाती तूफान पर नजर रखेंगे।नौसेना, सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टर अलर्ट मोड पर हैं। जिन इलाकों में इस तूफान का असर हो सकता है वहाँ से लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है। साथ ही गृह मंत्री ने इस बैठक में ख़ास तौर पर निर्देश दिया है कि तूफान के गुजर जाने के बाद प्रभावित इलाकों में सभी सेवाओं की जल्दी से जल्दी बहाली की व्यवस्था करें।

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