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देश भर में आज ईद का उल्लास

ईद-उल-फितर से जुड़ी धर्मनिष्‍ठा और उच्‍च आदर्श शांति और सौहार्द के साथ हमारे जीवन को समृद्ध करेंः उपराष्ट्रपति

कोलकाता, बनारस, असम समेत देश के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार देर शाम को ईद का चांद देखा गया। इसी के साथ रमजान का मुकद्दस महीना ख़त्म हो गया और देशभर में आज ईद का त्योहार मनाया रहा है।  ईद के दिन सभी एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और अमन व बरकत की दुआ मांगते हैं। यह ईद, ईद-उल-फितर के नाम से भी जानी जाती है। इसे मीठी ईद भी कहते हैं। देश के तमाम हिस्सों में ईद की खास नमाज के लिए लोग जमा हो रहे हैं। भारत के अलावा अन्य देशों में भी ईद पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ मनाई जा रही है।

उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने ईद-उल-फितर की पूर्व संध्‍या पर लोगों को बधाई दी। अपने बधाई संदेश में उन्‍होंने कहा कि मैं ईद-उल-फितर के आनंदपूर्ण अवसर पर देश की जनता को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति पर मनाया जाता है। यह त्‍योहार ईश्‍वर के प्रति अनुराग, प्रेम, भाईचारे और कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। इस त्‍योहार का सार एक-दूसरे को प्रेम और खुशियां बांटना है। मुझे उम्‍मीद है कि यह त्‍योहार उदारता की भावना को मजबूत करेगा और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाकर मैत्री, भाईचारे, आपसी सम्‍मान, सहानुभूति और प्रेम के बंधन में बांधेगा। मैं कामना करता हूं कि ईद-उल-फितर से जुड़ी धर्मनिष्‍ठा और उच्‍च आदर्श शांति और सौहार्द के साथ हमारे जीवन को समृद्ध करें।

ईदुल फ़ित्र, या ईद एक इस्लामी त्योहार है, हर साल रमज़ान के महीने का रोज़ा रखने के बाद बड़ी धूमधाम से पहली शव्वाल को मनाया जाता है। ईदुल फ़ित्र अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ; खुशी, उत्सव, फरहत और चहल-पहल के हैं,जबकि फित्र का अर्थ रोज़ा खोलने या तोड़ने के हैं, ईद के दिन रोज़ों का सिलसिला समाप्त होता है, इस दिन खुदा अपने बंदों को रमज़ान की इबादात का इनाम देते हें। इस्लाम में दो ही त्योहार मनाए जाते हैं,ईदुल फ़ित्र और ईदुल अज़हा, ईदुफित्र एक दिन का होता है इसे छोटी या मीठा इद के नाम से भी जाना जाता है। रमज़ान के आखिरी दिनों में, विशेष ईद बाजार सजाए जाते हैं। जहां ईद के लिए नए कपड़े, चूड़ियों और दूसरी चिज़ों की आवश्यकता है, वहीं ईद के अवसर पर विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं, मुस्लिम घरों में विशेष रूप से स्वादिष्ट भोजन और सेवइयों का इन्तज़ाम किया जाता है।

ईद के दिन अच्छे या नए कपड़े पहन कर मुसलमान सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा करने के लिए ईद गाहों, खुले मैदानों या फिर मस्जिदों का रुख करते हैं।वैसे तो ईद की मुबारकबादी का सिलसिला चाँद देखने के साथ ही एक दूसरे को भेजे जाने लगते हैं। लेकिन ईद की नमाज के बाद एक दूसरे को संदेश देने का सिलसिला तेज हो जाता है। लोग ईदगाह में ही एक दूसरे से गले मिलकर और बगलगीर होकर ईद की बधाई देते हैं। ईदुल फ़ित्र सामूहिक खुशियां मनाने का त्योहार है,इस दिन से पूरे समाज की चिंता करने, आपसी भाईचारे का प्रदर्शन करने और देश व राष्ट्र के विकास और दुनिया भर में शांति स्थापित करने की कोशिश का संदेश देता है।इनहीं तका़ज़ों के साथ ईद की बधाई के संदेश दिलों को जोड़ने का काम करते हैं।

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