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कोलकाता में हेल्थटेक 2019 का आयोजन

मेडिका सुपरस्पेशलिटी अस्पताल व बंगाल चेंबर की पहल

मौजूदा समय में इस बदलाव के युग में हेल्थकेयर उद्योग में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। इसके कारण तकनीकी बदलाव आंतरिक रूप से विस्थापित हो गई है, जिसे लेकर स्वास्थ्य प्रणाली अंदरुनी कार्य प्रवाह के लगभग सभी पहलुओं से जुड़ी है और क्रिया को अनुकूलित और गति प्रदान करती है। क्योंकि इसके जरिये रोगियों, प्रदाताओं और भुगतानकर्ता से जुड़े सभी हितकारी धारक प्रभावित होते हैं। हेल्थकेयर धारकों के लिए एक केंद्रीकृत डेटा का उपयोग करना इसमें एक क्रमिक बदलाव है।

डॉ. आलोक रॉय (पूर्व अध्यक्ष, द बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और अध्यक्ष, मेडिका ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स) ने कहा: तकनीकी रूप से लोगों की देखरेख को और भी ज्यादा बेहतर बनाने के लिए विभिन्न किस्म के प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग दुनिया भर में हेल्थकेयर संगठनों के लिए एक व्यापारिक का विषय बन गया है। डिजिटल तकनीक आज हर इंसान के जीवन का किसी ना किसी तरीके से अहम हिस्सा बन गया है। डॉ. रॉय मेडिका सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल व द बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा संयुक्त रुप से कोलकाता में 12 व 13 अप्रैल 2019 को दो दिवसीय हेल्थटेक 2019 यूनिवर्सल हेल्थकेयर प्रौद्योगिकी विषय पर आयोजित सेमिनार में अपने विचार रख रहे थे।

बंगाल चेंबर के अध्यक्ष इंद्रजीत सेन ने कहा: सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के अलावा बंगाल चेंबर आईटी समिति का प्रस्ताव है कि सार्वजनिक और निजी दोनों स्वास्थ्य प्रणालियाँ ब्लॉकचैन प्रणाली को अपनाकर इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) के तहत कार्य करें। ब्लॉकचैन प्रणाली में संग्रहीत विशिष्ट नागरिक आईडी के तहत मरीजों की रिपोर्ट से लेकर डॉक्टरों द्वारा दिये गये सलाह पर्चे की भी उसमें पूरी जानकारी मौजूद हो। सेमिनार के पहले दिन का मुख्य आकर्षण प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार ब्लॉकचेन का उपयोग करके भारत में “रीमैगनिंग हेल्थ इंफॉर्मेशन एक्सचेंज सिस्टम’’ का प्रकाशन होगा।

भारतीय स्वास्थ्य सेवा, आयुष्मान भारत को अपनाकर और यूनिवर्सल हेल्थ केयर (यूएचसी) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परिवर्तन के शिखर पर है। यह लंबे समय से स्वास्थ्य व सामर्थ्य की देखभाल की गुणवत्ता और पर्याप्त कुशल संसाधनों की उपलब्धता की चुनौतियों का सामना कर रहा है। मौजूदा प्रौद्योगिकी की विभिन्न सीमाएँ मरीजों में सार्थक स्वास्थ्य सूचना उत्पादन, स्वामित्व, भंडारण, मानकीकरण व सुरक्षा की चुनौतियों का कारण बन चुकी हैं। ब्लॉकचैन एक सुरक्षित तरीके से सार्थक स्वास्थ्य जानकारी उत्पन्न करने, स्टोर करने और सार्थक स्वास्थ्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक विश्वास सक्षम सूचना को विनिमय प्लेटफॉर्म प्रदान करके इन चुनौतियों का समाधान प्रदान करता है।

अर्नब बसु (अध्यक्ष, आईटी समिति, द बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) : गत वर्ष इस विषय ने दो उभरते प्रौद्योगिकियों – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इंटरनेट ऑफ मेडिकल थिंग्स (आइओएमटी) के महत्व पर प्रकाश डाला गया था, जिसमें स्वास्थ्य देखभाल और सुलभता जैसी कुछ प्रमुख चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चाएं भी हुई थी। इसने इन दोनों के तकनीकी उपयोग के मामलों को समझने में मदद की, जो विघटनकारी तरीके से भारतीय स्वास्थ्य सेवा तकनीक की पारिस्थितिक तंत्र को लाभ पहुंचा सकते हैं। पिछले 12 महीनों में हमने इन नये तकनीकों को अधिक से अधिक अपनाया है और भारतीय स्वास्थ्य सेवा संगठनों में इन विघटनकारी प्रौद्योगिकियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई है। हमने कई निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और उपकरण की बड़ी कंपनियों ने भी इन अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाया है और ये भारत में काफी तेजी से परिपक्व हो रही हैं। पीडब्लूसी इन तकनीकों के आसपास समाधान विकसित करने के लिए उनमें से कई के साथ समान रुप से जुड़े हैं।

पहले दिन के कुछ प्रमुख प्रतिभागियों में काजुया नाकाजो (मुख्य महानिदेशक, जेट्रो, नई दिल्ली),  ह्यूबर्ट गोफिनेट (भारत में बेल्जियम के दूतावास के व्यापार और निवेश आयुक्त), डॉ कुणाल सरकार (कार्डिएक सर्जन व वरिष्ठ उपाध्यक्ष और वरिष्ठ सलाहकार, मेडिका ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स) प्रमुख रुप से इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मौजूद रहेंगे।

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