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भाग्योदय का पर्व नवरात्रि प्रारंभ

वैसे तो साल में चार बार नवरात्रि आते हैं। लेकिन आषाढ़ और माघ में आने वाले नवरात्र गुप्त नवरात्रि होते हैं जबकि चैत्र और अश्विन प्रगट नवरात्रि होते हैं। आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो गयी है। मां के सभी मंदिरों में दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही हैं। ये नौ दिन बहुत ही पवित्र और फलदायी होते हैं। इन दिनों में मां दुर्गा की आराधना पूरे विधि विधान से की जाती है। नवरात्रि में भक्त व्रत रखने के साथ-साथ मंत्र जाप, कलश स्थापना और हवन करने की परंपरा रही है। साथ ही कन्या पूजन भी किया जाता है।  ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में माता की पूजा करने सभी कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है। कोई भी पूजा दीपक जलाये बिना अधूरी मानी जाती है। नवरात्रि में अखंड ज्योति का बहुत महत्व होता है। मंदिरों और घरों में नवरात्रि के दौरान दिन-रात जलने वाली ज्योति जलाई जाती है। पूजा के दीपक की ज्योति ज्ञान, प्रकाश, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक होती है।

मुख्य रूप से हम दो नवरात्रों के विषय में जानते हैं – चैत्र नवरात्र एवं आश्विन नवरात्र। चैत्र नवरात्र से हिन्‍दू वर्ष की शुरुआत होती है। वहीं शारदीय नवरात्र (Shardiya Navaratri) के दौरान दशहरा मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल पक्ष प्रथमा से प्रारंभ होती है और रामनवमी को इसका समापन होता है।नवरात्रि में माँ भगवती के सभी नौ रूपों की उपासना की जाती है। इस समय आध्यात्मिक ऊर्जा ग्रहण करने के लिए लोग विशिष्ट अनुष्ठान करते हैं। इस अनुष्ठान में देवी के रूपों की आराधना की जाती है। मां के नौ रूपों में  पहला दिन – शैलपुत्री का पूजन, दूसरा दिन – बह्मचारिणी पूजन, तीसरा दिन – चंद्रघंटा का पूजन, चौथा दिन – कुष्‍मांडा का पूजन, पांचवां दिन – स्‍कंदमाता का पूजन, छठा दिन – सरस्‍वती का पूजन, सातवां दिन – कात्‍यायनी का पूजन, नवरात्रि का आठवां दिन – कालरात्रि का पूजन (कन्‍या पूजन), नवरात्रि का नौवां दिन – महागौरी का पूजन (कन्‍या पूजन, नवमी हवन और नवरात्रि पारण) का होता है। नवरात्रि के नौ दिनों श्रद्धा और भक्ति से की माता जी का आराधना से सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण होती हैं। कह सकते हैं कि नवरात्रि के नौ दिन अपने भाग्य का उदय करने के दिन होते हैं। इन दिनों का सदुपयोग कर कोई भी अपना जीवन संवार सकता है।

हिंदू पुराण और ग्रंथों के अनुसार, चैत्र नवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण नवरात्रि है, जिसमें देवी शक्ति की पूजा की जाती थी। रामायण के अनुसार भी भगवान राम ने चैत्र के महीने में देवी दुर्गा की उपासना कर रावण का वध कर विजय प्राप्त की थी। इसी कारणवश चैत्र नवरात्रि पूरे भारत में, खासकर उत्तरी राज्यों में धूमधाम के साथ मनाई जाती है। यह हिंदू त्यौहार हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बहुत लोकप्रिय है। महाराष्ट्र राज्य में यह “गुड़ी पड़वा” के साथ शुरू होती है, जबकि आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिणी राज्यों में, यह उत्सव “उगादी” से शुरू होता है।

 

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