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हेल्थटेक एक्सीलरेटेड प्रोग्राम “हेल्थ केयर कैटालिस्ट्स” का हुआ आरंभ

 वेल टेक एवं वेंचर कैटालिस्ट्स का संयुक्त उपक्रम 

इस सेक्टर में स्टार्ट-अप्स को अपना दायरा बढ़ाने तथा लाखों मरीजों को सेवायें देने में मदद करने का प्रयास

मुंबई: भारत में हेल्थटेक इकोसिस्टम को सक्षम बनाने के लिए, अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य-केंद्रित नवाचार मंच वेल टेक ने भारत के पहले एकीकृत इन्क्यूबेटर वेंचर कैटालिस्ट्स के साथ सहयोग की घोषणा की है। इसके जरिये एक हेल्थ टेक-उन्मुख एक्सीलरेटेड प्रोग्राम “हेल्थकेयर कैटालिस्ट्स” को शुरु किया जायेगा। यह प्रोग्राम इस सेक्टर में अर्ली स्टेज स्टार्ट-अप्स‍ को अपना दायरा बढ़ाने तथा लाखों मरीजों एवं ग्राहकों को सेवायें देने में मदद करने का प्रयास करेगा। नये युग की तकनीकी प्रगति निस्सं‍देह रूप से हेल्थकेयर सेक्टर को बदल रही है और इस एक्सीलरेटर प्रोग्राम का लक्ष्य उन बिजनेस को सामने लाना है जोकि बदलाव में सबसे आगे हैं।

यह प्रोग्राम हेल्थटेक स्टार्ट-अप्स को पूंजी, उद्योग भागीदारियों, उत्पाद एवं तकनीकी सहयोग तक पहुंच मुहैया करायेगा और उन्हें नये बाजारों में विस्तार करने में मदद करेगा।

डॉ. नीति पाल, चीफ मेडिकल एडवायजर, वेल टेक ने कहा, “डिजिटल टेक्नोलॉजी हेल्थकेयर को बदल रही है और हमारा एक्सीलरेटर प्रोग्राम सबसे प्रभावशाली कंपनियों के साथ काम करने के लिए तत्पर है जोकि चीजों को अंजाम दे रही है। भारत ऐसा देश है जोकि खासतौर पर हेल्थकेयर में वर्कफोर्स की बढ़ती चुनौती द्वारा प्रभावित है। अच्छी तरह से डिजाइन की गईं डिजिटल तकनीकें इन बढ़ती चुनौतियों से निपटने का एक शक्तिशाली समाधान है। यह प्रोग्राम गहन नैदानिक विशेषज्ञता वाला है और गंभीर तकनीकी सामर्थ्य एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में व्या‍वसायिक विशेषज्ञता द्वारा पावर्ड है जोकि चयनित स्टार्ट-अप्स को भारी लाभ पहुंचायेगा।”

वीकैट्स के संस्थापक डॉ अपूर्व रंजन शर्मा ने इस अवसर पर टिप्पणी करते हुये कहा, “हेल्थटेक सबसे आशावान उभरते सेगमेंट में से एक है और इसमें काफी सामर्थ्य है, खासतौर से भारत जैसे देश में जहां हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का ढांचा बहुत कमजोर है। टेक्नोलॉजी की ताकत का लाभ उठाकर, प्रीमियम हेल्थ केयर सेवाओं को व्यापक क्षत्रों में विस्तारित किया जा सकता है जहां अभी भी बुनियादी स्वास्थ्य रक्षा तक पहुंच नहीं है। इस प्रोग्राम की शुरुआत इस विजन को आगे बढ़ाने के साथ की गई है और इसका लक्ष्य डोमेन में सर्वश्रेष्ठ स्टार्ट-अप्स की जरूरतों को पूरा करना है और उन्हें न सिर्फ विशाल राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच प्रदान करना है बल्कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मांग के अनुरूप अपने उत्पादों एवं बिजनेस मॉडलों को विकसित करने, उन्हें दोबारा डिजाइन करने एवं उनमें बदलाव करने की अनुमति मिलती है।”

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