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रामायण को एक अलग अन्दाज़ में लेकर आ रहे हैं सन्नी मंडावरा

रामायण को क़रीब 19 अलग अलग लेखकों ने 13 अलग- अलग देशों में अपने अपने अन्दाज़ में लिखा है। हर खंड को अपने अन्दाज़ में पेश किया है। कहीं रावण दुराचारी दिखते हैं तो कही कहीं रावण बहुत ही धार्मिक, बुद्धिशाली और पराक्रमी। कही- कहीं तो रावण को महान भक्त भी बताया गया है।
राम हर लेखक की नज़र में हमेशा एक ही स्वरूप में दिखाई देते है “मर्यादा पुरूषोतम” एक महान किरदार के धनी। यह कहना है अभिनेता लेखक निर्देशक सन्नी मंडावरा का जो आज कल व्यस्त है अपने नए वेंचर में एक नए धारावाहिक के रूप में ला रहे हैं पद्म कथा श्री जैन रामायण। जी हाँ रामायण का एक और स्वरूप जैन रामायण आइए  नज़र डालते हैं इसी विषय को लेकर सन्नी मंडावरा से हुई बातचीत के प्रमुख अंशों पर-

पद्म कथा श्री जैन रामायण आख़िर क्या और कितनी अलग है, श्री वाल्मीकि रामायण से या तुलसी चरित्र मानस से?

सन्नी मंडावरा: “पद्म कथा” का ज़िक्र आचार्य रवीसेन जी महाराज द्वारा रचित “पद्मपुराण” ग्रंथ में मिलता है…. जैन धर्म में आचार्य रवीसेन बहुत ही बड़ा और पावन नाम है…।आप ने रामायण को एक नयें अन्दाज़ में प्रस्तुत किया है..एक चरित्र रावण का चित्रण बताऊँगा की आचार्य श्री कैसे एक मानव धीरे धीरे राग, द्वेष, अभिमान के मोहपाश में फँस कर नकारात्मक या बुरा बन जाता है …. यह सिर्फ़ पद्मपुराण में ही है।

यानी रावण को यहाँ भी पोज़ीटिव ही बताया गया है?

सन्नी मंडावरा : जी बिलकुल आचार्य श्री ने यह बहुत अच्छे से लिखा है की कोई भी इंसान जन्म से बुरा नहीं होता धीरे धीरे अपने कर्मों के कारण बुरा बनता चला जाता है !

जी यह बात तो हर जगह लागू होती है? 
सन्नी मंडावरा : बिलकुल मगर रावण के बारे में इतना सटीक कहीं लिखा नहीं गया है तो हल्की सी धूमिल सी छवि बनती है और समझना आपको पड़ता है अब आप चाहे जो समजो आप पर निर्भर है

आप हमेशा अपने धारावाहिक हो या फ़िल्म हो, शीर्षक का बहुत ध्यान रखते हैं।जैसे “कुरुक्षेत्र फ़ैशन की महाभारत” नाम का एक फ़ैशन रीऐलिटी शो था “एक ओंकार” आपकी पंजाबी फ़िल्म थी “फिर द्रौपदी “ ये शॉर्ट फ़िल्म थी जिसे 12 अलग अलग केटेगरी में सम्मानित किया गया..! “एक और महाभारत” ख़ाटुश्याम जी पर शो था फिर राजस्थानी शो वीर तेजाजी, कूम कूम रा पगलिया, खेतेश्वर महिमा, व्याव रो लाडु, पंजाबी फ़िल्म “दास्तान ए सिरहंद” इस तरह के अनोखे शीर्षक कहाँ से लाते हैं आप? 
सन्नी मंडावरा : शीर्षक हमेशा कहानी का विस्तार होता है कहानी का आधार होता है…! हमारी आधी कहानी शीर्षक ही बता देता है और शीर्षक की बहुत बड़ी भूमिका है कहानी को कहने के लिए ….! एक मेकर अपनी आधी बात शीर्षक के द्वारा ही कह देता है यह राकेश रोशन साहब कहाँ करते थे …!

जब आप राकेश रोशन जी के साथ काम करते थे, तो उस समय का कोई वाकया याद है?
सन्नी मंडावरा : जी बहुत से क़िस्से और ज़िंदगी के बहुत से हिस्से जुड़े हुवे है राकेश सर के साथ ……. इन्फ़ेक्ट बहुत कुछ सिखा है ज़िंदगी में राकेश सर के करन एक बात जो कभी नहीं भूल सकता वो है “ फ़िल्मे पेसो से नहीं बनती मारवाड़ी फ़िल्मे तो जज़्बात से बनती है जुनून से बनती है” वो बिलकुल सही कहा करते है इस सपनो की दुनियाँ का निर्माण सिर्फ़ जुनून और जज़्बात से होता है …!

 आपने भारत रत्न, पद्म भूषण मनोज कुमार साहब के साथ भी काम किया, उनकी कोई याद साझा कीजिए?
सन्नी मंडावरा : मनोज कुमार साहब अपने आप में एक फ़िल्म मेकिंग की पाठशाला है इतना जुनून मेने किसी भी फ़िल्म मेकर में नहीं देखा उनकी दो बातें भुला नहीं पाउँगा कभी भी पहली की सन्नी मुझे सिर्फ़ और सिर्फ़ मनोज कुमार के साथ काम करना पसंद है इस लिए तुम मेरे आख़री डिरेक्टर हो जो मुझे ऐक्शन कहेगा और दूसरी एक दिन मेरे हाथ में बजट कापी देख कर बोले बेटा या तो बजट देख कर बनियागिरी कर लो या फिर मेकर बनो फ़िल्म बनाओ जब फ़िल्म बन जाएगी तो बजट दुनियाँ को पता चल जाएगा और उस दिन के बाद सेट पर मेने सिर्फ़ काम किया ख़र्च की और नहीं देखा सिर्फ़ क्वालिटी देखी…!

इसी श्रेणी में आपने देव साहब के साथ भी काम किया था, कोई याद वहाँ की ?
सन्नी मंडावरा: लोग सच कहते थे “बहत्तर के पार देवानंद सदाबाहर” क्या ग़ज़बकी एनर्जी थी मैं तो दंग रह गया ये अस्सी साल के देव साहब है या कोई नवजवान सच्च देव साहब के जैसा मेकर फ़िल्म इंडस्ट्री को नहीं मिलेगा

 अगर हम फिर से रामायण की बात करें, तो आप पूरी तरह से तैयार हैं रामायण करने के लिए ?
सन्नी मंडावरा : जी अभी पूरी टीम इसी त्यारी में लगी हुई है और हमें विश्वास है की एक ज़बरदस्त ओपनिंग मिलेगी शो को…!

 आप अभिनेता भी हैं, अगर आपको कोई केरेक्टर निभाना हो तो रामायण के किस किरदार को निभाना चाहेंगे ?
सन्नी मंडावरा : (मुस्कुराते हुए) अगर किसी किरदार को मुझे निभाना है तो मेरी पहेली पसंद रावण होगा…! क्यूँ की आचार्य श्री ने रावण को जिस तरह से लिखा है वो बहुत उमदा है

भानु प्रताप

 

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5 comments

  1. धन्यवाद भानु जी

  2. Waah sir. kya khub kha aapne. ki insaan bura nhi hota par uska karm usko bura bnatahe.

  3. Shilpi Srivastava

    ???? lots of best wishes for your new project sir..excited to watch this.

  4. Very nice interview. Got to know so many things about Sunny Sir and his experiences with the legends from the industry. Hope that Jain Ramayana makes a mark and not only entertain people but also give a deep insight into human minds. I wish and pray that it makes us more tolerant & humble towards evil people. It’s possible we may feel pity for Ravana & thus end up forgiving a lot of people as well as ourselves for all the sins we may have committed. God bless ????

  5. Waaaooooo vry nice.

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