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भाषा के विभाजन को दूर करती टैक्नोलॉजी

सूचना.संचालित इस विश्व में लाखों.करोड़ों लोगों के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग में भाषा अभी भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है और आज जबकि इंटरनेट हर जगह पर मौजूद है, तब भी बहुत से लोग इसका लाभ नहीं ले पाते हैं। भारत में हम 22 प्रमुख भाषाओं का प्रयोग करते हैं और उन्हें 13 अलग अलग लिपियों में लिखा जाता है, 720 से अधिक बोलियां हैं और देश में भाषाई विविधिता का स्तर काफी अधिक है। इसके अलावा एक बड़ी संख्या में भारतीय अपने काम के दौरान और व्यक्तिगत जीवन में स्थानीय भाषा का उपयोग करते हैं और इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए माइक्रोसॉफ्ट में हमने चीजों को कुछ अलग तरह से करने की ठानी है। वहीं हमारा विश्वास है कि हमारे लोगों की भाषाई विविधिता को भी गले से लगाने की जरूरत है। 
 
सस्ती और सुविधाजनक डिवाइसेज के विस्तार और मोबाइल इंटरनेट के बढ़ते घनत्व के साथ ही कंटेंट को लेकर भी भूख लगातार बढ़ रही है और ऐसे में हमारे लोगों में इस मांग के चलते स्थानीय उत्पादों और एप्लीकेशंस की मांग बढ़ रही है। सरकार भी एक मिशन पर काम कर रही है और डिजिटल समावेश और स्थानीय सामग्री और उत्पादों पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। इस प्रयास के तहत सरकार इन अवसरों का लाभ एक बड़ी संख्या में लोगों को प्रदान करना चाहती जबकि अभी इसका लाभ कुछ ही लोगों को मिल पा रहा है। एक राष्ट्र के तौर पर हम ऐसे माध्यमों की तलाश कर रहे हैं जो कि उन लोगों को सशक्त बनाए जो कि अभी तक डिजिटल क्रांति से अछूते हैं और उन्होंने अभी तक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में सहभागिता नहीं की है।
 इस साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस का उत्सव मनाया जा रहा है। ये हमारा दिन है जब हमारे नेता, राज्य सरकारें, भारतीय समुदाय और सभी लोग हिंदी भाषा के वैश्विकरण के लिए प्रयासरत हैं और ये भी प्रयास कर रहे हैं कि कैसे इसे एक वैश्विक भाषा के तौर पर आगे बढ़ाया जाए। ये हमारी भावनाएं हैं कि ये लोगों और कारोबारियों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और सभी इसकी पूरी संभावनाओं को समझते हुए इसे अधिक से अधिक सफल बनाएंगे।
आलोक लाल

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