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नजरिया

दो तरह के भारत का होना अच्छी बात नहीं

उपराष्ट्रपति श्री एम.वैंकेया नायडु ने ग्रामीण और शहरी अंतर को दूर करने का आह्वान करते कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारें सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जुटाते हुए गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। आंध्रप्रदेश के नूजविद में राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज टेक्नॉलोजी (आरजीयूकेटी) ...

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मानव की नैतिक जिम्मेदारी जीवदया 

अश्वनी राय  भारतीय दर्शन में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की बात कही गयी  है। यानी  इस धरती पर जन्म वाले सभी एक परिवार हैं। साधारण-सी बात है कि जब संसार में रहने वाले सारे प्राणियों को उस एक ही परमपिता परमात्मा ने पैदा किया है। तो सब आपस में एक ही परिवार ...

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युवा शक्ति 

जिस उम्र की फितरत है इतिहास बनाना जिस उम्र के करतब का बनता है तराना उसे जोश जवानी या जूनून कह के पुकारो उसकी खुदी से बनता संवरता है जमाना जी हां हिंदुस्तान के इतिहास के हर दौर में युवा शक्ति ने महत्वपूर्ण अध्याय लिखा है। चाहे वह देश की ...

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